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Books > Performing Arts > भजन संध्या: Bhajan Sandhya
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भजन संध्या: Bhajan Sandhya
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भजन संध्या: Bhajan Sandhya
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Description

सम्मपादकीय

भगवान के प्रति समर्पण का भाव भक्ति कहलाता है । भक्त की उत्कट लालसा उसे भक्ति के लिये प्रेरित करती है । नाम जप, योगाभ्यास, कथा और कीर्तन जैसे माध्यमों से भक्त अपने भगवान को रिझाकर उनकी कृपा प्राप्त करता है ।

भक्ति भाव है या रस यह तो नहीं पता, लेकिन भक्ति के माध्यम से ईश्वर को प्राप्त अवश्य किया जा सकता है । प्रत्येक युग में विशेष शक्ति सम्पन्न भक्तों ने जन्म लिया है । भावना का विस्तार ही भजन का लक्ष्य है । संगीत के माध्यम से जब भक्ति गीतों को प्रस्तुत किया जाता है तो उनसे पूरे वातावरण में सात्विक गुण की वद्धि होने लगती है और मनुष्य की चेतना ऊर्ध्वमुखी होकर परमात्मा में विलीन होँने लगती है । यही भक्तिपरक गान का लक्ष्य है ।

भक्ति संगीत की धारा वैदिक काल से लेकर आज तक निरंतर प्रवाहित हो रही है । भिन्न भिन्न सन्तों के द्वारा रचे गये काव्य को संगीतकारों ने अपने अपने बंग से प्रस्तुत किया है । इनमें से अनेक भजन या भक्ति गीत बहुत लोकप्रिय रहे हैं । यही कारण है कि ऐसे भजनों का संगीत विभिन्न संगीत रचयिताओं द्वारा तैयार करके सुकंठ के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता रहा है और इसीलिए उनका व्यापक प्रचार हुआ है ।

प्रस्तुत ग्रंथ में ऐसे भक्ति गीतों को चुना गया है जो रिकार्डो के माध्यम से सम्पूर्ण विश्व में लोकप्रियता प्राप्त कर चुके हैं । सरलता और मधुरता के कारण इनका विशेष प्रचार हुआ है । उन्हीं भक्ति गीतों को चुनकर इस ग्रंथ में दिया जा रहा है, जिंनका स्वरांकन किया है श्री देवकीनंदन धवन ने । अंतःकरण की शुद्धि के लिए यह समस्त भजन साधक के लिए एक वरदान सिव होंगे, ऐसा मेरा विश्वास है । शव्द के साथ जर नाद की शक्ति मिल जाती है तो उसके प्रभाव में भी वृद्धि हो जाती है । इसीलिए कहा गया है कि पूजा से करोड़ गुना प्रभावकारी स्तोत्र पाठ है, स्तोत्र पाठ से करोड़ गुना अधिक महत्वपूर्ण मंत्रजप है और जप से भी करोड़ गुना अधिक भक्ति गान है, भक्ति गान से बढ़कर कुछ भी नहीं है । यह समस्त मनन आज के संतप्त मानव को सुख और शान्ति प्राप्त करेंगे ऐसा विश्वास है ।

 

अनुक्रम

1

ठुमक चलत रामचंद्र, बाजत पैजनियाँ गायिका लता मंगेशकर

1

2

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो गायिका लता मंगेशकर

4

3

श्री रामचन्द्र कृपालु भज मन गायिका लता मंगेशकर

6

4

मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊं गायक हरिओम शरण

9

5

तेरे मन में राम । तन में राम गायक अनूप जलोटा

11

6

करुणा के सागर तुम मेरे साई गायक सी.एच. आत्मा

15

7

आए अकेला, आए अकेला गायक सी. एच. आत्मा

17

8

व हरि तुम हरो जन की भोर गायिका एम एससुब्बालक्ष्मी

20

9

मैं निर्गुनिया गुन नहीं जानी गायिका एम एससुब्बालक्ष्मी

23

10

राम मिलन के काज आज जोगन बन जाऊंगी गायिका एमएससुब्बालक्ष्मी

27

11

दाता एक राम भिखारी सारी दुनिया गायक हरिओम शरण

31

12

मधुवन में न शाम बुलाओ गायक हेमंत कुमार

34

13

कछु कहे मन लागा रे गायिका जुथिका राय

37

14

घूंघट का पट खोल रे तोहे पिया मिलेंगे गायिका जुथिका राय

40

15

जोगी मत जा, मत जा, मत जा गायिका जुथिका राय

43

16

भज मन राम चरन सुखदाई गायिका अनुराधा पोडवाल

46

17

दीनन दुब हरन देव, संतन हितकारी गायक जगजीत सिंह

48

18

सुनो सुनो हे कृष्न काला गायक के एमसहगल

50

19

 जय माधव मदन मुरारी गायक जगजीत सिंह

55

20

तेरा राम जो करेंगे बेटा पार गायक हरिओम शरण

58

21

वैष्णव जन तो तेने कहिये गायिका लता मंगेशकर

62

22

पितु मात सहायक स्वामी सखा गायक मुकेश

64

23

मेरे हठीले शाम, मे भो हठ पे अड़ा हूँ गायक पंकज मलिक

67

24

तन तो मंदिर है, हदय है वृन्दावन गायिका आशा भोसले

70

25

एक मंत्र जपते रही श्याम श्याम श्याम गायिका आशा भोसले

73

26

तेरे मंदिर का हूँ दीपक जल रहा गायक पंकज मलिक

76

27

व्यर्थ चिंतित हो रहे हो गायिका अनुराधा पोडवाल

79

28

पूजा का अधिकार मुझे है गायक मन्ना डे

85

29

गणपति बप्पा मोरिया गायक सी. एच. आत्मा

87

30

हम करें तुझे प्रणाम ओ शेरां वालिए गायक सी. एच. आत्मा

89

31

अब कैसे छूटे नाम रट लागी गायिका वाणी जयराम

91

32

मेरा जीवन तेरी लग्न गायक जगजीत सिंह

94

33

बाबा संभल संभल पग धरना गायक मोहम्मद रफी

96

34

उमर का पंछी उड़ता जा ता गायक अनूप जलोटा

99

35

कोई कई राम राम कोई कहे शाम गायक हरिओम शरण

101

36

मन लागो यार फकीरी में गायक अनूप जलोटा

103

37

जिनके हृदय श्री राम वसे गायक मुकेश

109

38

प्रभु जी, मैं अनाथ तुम नाथ गायिका वाणी जयराम

112

39

प्यारे, दरसन दीजो आय गायिका वाणी जयराम

115

40

नैनन मेरे तुमरी ओर गायिका जुथिका राय

117

41

हे गोबिन्द, हे गोपाल गायक जगजीत सिंह व अन्य

120

42

ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन गायक अनूप जलोटा

122

43

क़ृपा सरोवर कमल मनोहर गायक पंभीमसेन जोशी

126

44

तेरे भरोसे हे नंदलाना गायक मोहम्मद रफी

130

45

राम का गुणगान करिये गायक पंभीमसेन जोशी व सता मंगेशकर

133

 

Sample Page

भजन संध्या: Bhajan Sandhya

Item Code:
HAA207
Cover:
Paperback
Edition:
2011
ISBN:
8158057745
Language:
Hindi
Size:
9.0 inch X 6.0 inch
Pages:
170
Other Details:
Weight of the Book: 200 gms
Price:
$18.00
Discounted:
$13.50   Shipping Free
You Save:
$4.50 (25%)
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भजन संध्या: Bhajan Sandhya

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सम्मपादकीय

भगवान के प्रति समर्पण का भाव भक्ति कहलाता है । भक्त की उत्कट लालसा उसे भक्ति के लिये प्रेरित करती है । नाम जप, योगाभ्यास, कथा और कीर्तन जैसे माध्यमों से भक्त अपने भगवान को रिझाकर उनकी कृपा प्राप्त करता है ।

भक्ति भाव है या रस यह तो नहीं पता, लेकिन भक्ति के माध्यम से ईश्वर को प्राप्त अवश्य किया जा सकता है । प्रत्येक युग में विशेष शक्ति सम्पन्न भक्तों ने जन्म लिया है । भावना का विस्तार ही भजन का लक्ष्य है । संगीत के माध्यम से जब भक्ति गीतों को प्रस्तुत किया जाता है तो उनसे पूरे वातावरण में सात्विक गुण की वद्धि होने लगती है और मनुष्य की चेतना ऊर्ध्वमुखी होकर परमात्मा में विलीन होँने लगती है । यही भक्तिपरक गान का लक्ष्य है ।

भक्ति संगीत की धारा वैदिक काल से लेकर आज तक निरंतर प्रवाहित हो रही है । भिन्न भिन्न सन्तों के द्वारा रचे गये काव्य को संगीतकारों ने अपने अपने बंग से प्रस्तुत किया है । इनमें से अनेक भजन या भक्ति गीत बहुत लोकप्रिय रहे हैं । यही कारण है कि ऐसे भजनों का संगीत विभिन्न संगीत रचयिताओं द्वारा तैयार करके सुकंठ के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता रहा है और इसीलिए उनका व्यापक प्रचार हुआ है ।

प्रस्तुत ग्रंथ में ऐसे भक्ति गीतों को चुना गया है जो रिकार्डो के माध्यम से सम्पूर्ण विश्व में लोकप्रियता प्राप्त कर चुके हैं । सरलता और मधुरता के कारण इनका विशेष प्रचार हुआ है । उन्हीं भक्ति गीतों को चुनकर इस ग्रंथ में दिया जा रहा है, जिंनका स्वरांकन किया है श्री देवकीनंदन धवन ने । अंतःकरण की शुद्धि के लिए यह समस्त भजन साधक के लिए एक वरदान सिव होंगे, ऐसा मेरा विश्वास है । शव्द के साथ जर नाद की शक्ति मिल जाती है तो उसके प्रभाव में भी वृद्धि हो जाती है । इसीलिए कहा गया है कि पूजा से करोड़ गुना प्रभावकारी स्तोत्र पाठ है, स्तोत्र पाठ से करोड़ गुना अधिक महत्वपूर्ण मंत्रजप है और जप से भी करोड़ गुना अधिक भक्ति गान है, भक्ति गान से बढ़कर कुछ भी नहीं है । यह समस्त मनन आज के संतप्त मानव को सुख और शान्ति प्राप्त करेंगे ऐसा विश्वास है ।

 

अनुक्रम

1

ठुमक चलत रामचंद्र, बाजत पैजनियाँ गायिका लता मंगेशकर

1

2

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो गायिका लता मंगेशकर

4

3

श्री रामचन्द्र कृपालु भज मन गायिका लता मंगेशकर

6

4

मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊं गायक हरिओम शरण

9

5

तेरे मन में राम । तन में राम गायक अनूप जलोटा

11

6

करुणा के सागर तुम मेरे साई गायक सी.एच. आत्मा

15

7

आए अकेला, आए अकेला गायक सी. एच. आत्मा

17

8

व हरि तुम हरो जन की भोर गायिका एम एससुब्बालक्ष्मी

20

9

मैं निर्गुनिया गुन नहीं जानी गायिका एम एससुब्बालक्ष्मी

23

10

राम मिलन के काज आज जोगन बन जाऊंगी गायिका एमएससुब्बालक्ष्मी

27

11

दाता एक राम भिखारी सारी दुनिया गायक हरिओम शरण

31

12

मधुवन में न शाम बुलाओ गायक हेमंत कुमार

34

13

कछु कहे मन लागा रे गायिका जुथिका राय

37

14

घूंघट का पट खोल रे तोहे पिया मिलेंगे गायिका जुथिका राय

40

15

जोगी मत जा, मत जा, मत जा गायिका जुथिका राय

43

16

भज मन राम चरन सुखदाई गायिका अनुराधा पोडवाल

46

17

दीनन दुब हरन देव, संतन हितकारी गायक जगजीत सिंह

48

18

सुनो सुनो हे कृष्न काला गायक के एमसहगल

50

19

 जय माधव मदन मुरारी गायक जगजीत सिंह

55

20

तेरा राम जो करेंगे बेटा पार गायक हरिओम शरण

58

21

वैष्णव जन तो तेने कहिये गायिका लता मंगेशकर

62

22

पितु मात सहायक स्वामी सखा गायक मुकेश

64

23

मेरे हठीले शाम, मे भो हठ पे अड़ा हूँ गायक पंकज मलिक

67

24

तन तो मंदिर है, हदय है वृन्दावन गायिका आशा भोसले

70

25

एक मंत्र जपते रही श्याम श्याम श्याम गायिका आशा भोसले

73

26

तेरे मंदिर का हूँ दीपक जल रहा गायक पंकज मलिक

76

27

व्यर्थ चिंतित हो रहे हो गायिका अनुराधा पोडवाल

79

28

पूजा का अधिकार मुझे है गायक मन्ना डे

85

29

गणपति बप्पा मोरिया गायक सी. एच. आत्मा

87

30

हम करें तुझे प्रणाम ओ शेरां वालिए गायक सी. एच. आत्मा

89

31

अब कैसे छूटे नाम रट लागी गायिका वाणी जयराम

91

32

मेरा जीवन तेरी लग्न गायक जगजीत सिंह

94

33

बाबा संभल संभल पग धरना गायक मोहम्मद रफी

96

34

उमर का पंछी उड़ता जा ता गायक अनूप जलोटा

99

35

कोई कई राम राम कोई कहे शाम गायक हरिओम शरण

101

36

मन लागो यार फकीरी में गायक अनूप जलोटा

103

37

जिनके हृदय श्री राम वसे गायक मुकेश

109

38

प्रभु जी, मैं अनाथ तुम नाथ गायिका वाणी जयराम

112

39

प्यारे, दरसन दीजो आय गायिका वाणी जयराम

115

40

नैनन मेरे तुमरी ओर गायिका जुथिका राय

117

41

हे गोबिन्द, हे गोपाल गायक जगजीत सिंह व अन्य

120

42

ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन गायक अनूप जलोटा

122

43

क़ृपा सरोवर कमल मनोहर गायक पंभीमसेन जोशी

126

44

तेरे भरोसे हे नंदलाना गायक मोहम्मद रफी

130

45

राम का गुणगान करिये गायक पंभीमसेन जोशी व सता मंगेशकर

133

 

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