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आदर्श भ्रातृ प्रेम - Ideal Brotherly Love

आदर्श भ्रातृ प्रेम - Ideal Brotherly Love
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Item Code: GPA133
Author: जयदयाल गोयन्दका (Jaya Dayal Goyandka)
Publisher: Gita Press, Gorakhpur
Language: Sanskrit Text With Hindi Translation
Edition: 2012
ISBN: 9788129307347
Pages: 96
Cover: Paperback
Other Details: 8.0 inch x 5.5 inch
weight of the book: 80 gms

निवेदन

 

रामायणमें आदर्श भ्रातृ प्रेम नामक यह निबन्ध पुस्तकरूपमें पाठकोंके सामने उपस्थित करते हुए हमें बड़ी प्रसन्नता हो रही हैरामायण केवल इतिहास या काव्यग्रन्थ ही नहीं है वह मानव जीवनको सुव्यवस्थित कल्याण मार्गपर सदा अग्रसर करते रहनेके लिये एक महान् पथप्रदर्शक भी हैरामायणमें हमें मर्यादापुरुषोत्तम भगवान् श्रीरामचन्द्रजीके यशोमय दिव्य शरीरकी प्रत्यक्ष झाँकी मिलती हैरामायण केवल हिंदू संस्कृतिका ही नहीं, मानव संस्कृतिका भी प्राण हैयदि रामायणके ही आदर्शोपर मानव जीवनका संगठन और संचालन किया जाय तो वह दिन दूर नहीं कि सर्वत्र रामराज्यके समान सुख शान्तिका स्रोत बहने लगे

प्रस्तुत पुस्तकमें श्रीवाल्मीकि, श्रीअध्यात्म और श्रीतुलसीकृत रामायणके ही आधारपर श्रीरामचन्द्र, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न इन चारों भाइयोंके पारस्परिक प्रेम और भक्तिका बहुत ही मनोहर चित्रण किया गया हैआजकल दैहिक स्वार्थ और तुच्छ विषय सुखकी मृग तृष्णामें फँसकर विवेकशून्य हो जानेके कारण जो बहुधा भाई भाईमें विद्वेषकी अग्रि धंधकती दिखायी देती है उसको अनवरत प्रेम वारिकी वर्षासे सदाके लिये बुझा देनेमें यह पुस्तक बहुत ही सहायक हो सकती हैइसकी भाषा सरल और प्रवाहपूर्ण हैपढ़ते पढ़ते नेत्रोंमें प्रेमके आँसू उमड़ आते हैं

इस पुस्तककी उपादेयताके विषयमें इतना ही कहना पर्याप्त होगा कि यह परम श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दकाद्वारा रचित तत्त्व चिन्तामणि नामक पुस्तकके द्वितीय भागकी एक किरण हैइसके प्रकाशमें रहनेपर भ्रातृ विद्वेषरूपी सर्पसे डँसे जानेका भय सर्वथा दूर हो सकता हैअनेकों प्रेमीजनोंके अनुरोधसे सर्वसाधारणको अत्यन्त सुलभ करनेके लिये यह निबन्ध अलग पुस्तकाकारमें प्रकाशित किया गया हैप्रेमी पाठकोंको इसे पढ़कर लाभ उठाना चाहिये

 

विषय सूची

1

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम

5

2

श्रीरामका भ्रातृ प्रेम

12

3

श्री भरतका भ्रातृ प्रेम

31

4

श्री लक्ष्मका भ्रातृ प्रेम

64

5

श्री शत्रुघ्रका भ्रातृ प्रेम

88

6

उपसंहार

95

 

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