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मंगल-प्रभात: Mangal Prabhat

मंगल-प्रभात: Mangal Prabhat
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Item Code: NZD067
Author: अमृतलाल ठाकोरदास नाणावटी (Amritlal Thakoradasa Nanavati)
Publisher: Navjivan Prakashan Mandir, Ahmedabad
Language: Hindi
Edition: 2007
ISBN: 8172291108
Pages: 72
Cover: Paperback
Other Details: 7.5 inch X 4.5 inch
weight of the book: 55 gms

निवेदन

गांधीजीके विचार आसान हिन्दुस्तानीमें जनताके सामने रखना 'गांधी हिन्दुस्तानी साहित्य सभा, दिल्ली' के अनेक कामोंमें से एक खास काम है । गांधीजी अकसर आसान भाषामें ही लिखते थे। उन्होंने गुजराती भाषामें जो लिखा है, वह बिलकुल सरल है । फिर भी मुमकिन है कि गुजराती, हिन्दी और दूसरी भाषाओंमें जो शब्द आसानीसे समझे जाते हैं, वे सिर्फ़ उर्दू जाननेवालोंके लिए नये हों । इसलिए अनुवादमें ऐसे शब्दोंके साथ साथ आसान उर्दू शब्द भी देना ठीक समझा है । उम्मीद है कि इस तरह उर्दू जबान हिन्दीके नजदीक आयेगी और उर्दू जाननेवाली जनता हिन्दुस्तानकी दूसरी भाषाओंका साहित्य भी आसानीसे समझ सकेगी ।

 

अनुक्रमणिका

निवेदन' का कालेलकर

3

मंगल-प्रभात' काका कालेलकर

5

1

सत्य

7

2

अहिंसा

11

3

ब्रह्माचार्य

15

4

अस्वाद

20

5

अस्तेय (चोरी न करना)

25

6

अपरिग्रह (जमा न रखना)

29

7

अभय

33

8

अस्पृश्यता-निवारण

36

9

खान-मेहनत

40

10

सर्वधर्म-समभाव -1

43

11

सर्वधर्म-सभभाव -2

46

12

नम्रता

49

13

स्वदेशी

53

14

स्वदेशी-व्रत

54

15

व्रतकी जरूरत

58

परिशिष्ट

62

शब्दोंके अर्थ

68

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