स्वामी विवेकानंद की 'पतंजलि योग सूत्र' की व्याख्या एक ऐसी पुस्तक है जो पतंजलि के योग दर्शन को सरल भाषा में प्रस्तुत करती है, जिससे सामान्य पाठक भी इसका लाभ उठा सकें। यह पुस्तक योग के माध्यम से जीवन के सर्वोच्च आदर्श और मुक्ति को प्राप्त करने पर केंद्रित है और भारतीय धर्म तथा दर्शन के महत्व को विस्तार से बताती है। यह पुस्तक पाठकों को यह समझने में मदद करती है कि कैसे योग का अभ्यास करके आध्यात्मिक शक्ति को जगाया जा सकता है और शाश्वत सुख की प्राप्ति की जा सकती है। इस पुस्तक में योग द्वारा मन की विभिन्न वृत्तियों, जैसे क्रोध और अधीरता, को नियंत्रित करने और अंततः मन को शांत व शुद्ध करने का तरीका बताया गया है। यह पुस्तक उन लोगों के लिए एक उत्कृष्ट स्रोत है जो पतंजलि के योग दर्शन को स्वामी विवेकानंद की गहन व्याख्या और आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि के साथ समझना चाहते हैं।
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