Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Sign In  |  Sign up
Your Cart (0)
Best Deals
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Language and Literature > हिन्दी साहित्य > पुष्पदंत (भारतीय साहित्य के निर्माता) - Pushpadanta (Makers of Indian Literature)
Subscribe to our newsletter and discounts
पुष्पदंत (भारतीय साहित्य के निर्माता) - Pushpadanta (Makers of Indian Literature)
पुष्पदंत (भारतीय साहित्य के निर्माता) - Pushpadanta (Makers of Indian Literature)
Description

पुस्तक परिचय

संस्कृत और प्राकृत के व्याकरण बद्ध हो जाने के पश्चात्! छठी शताब्दी में अपभ्रंश का प्रयोग आरंभ हो चुका था, लेकिन अपभ्रंश भाषा में रची गई महत्वपूर्ण साहित्यिक रचनाएँ आठवीं शताब्दी के बाद ही मिल पाती हैं ।

महाकवि पुष्पदंत अपभ्रंश भाषा के ऐसे समर्थ कवि हैं, जिन्हें अपभ्रंश के आदि कवि स्वयंभू देव के पश्चात् सर्वाधिक प्रसिद्धि और महत्त्व मिला है । आरंभ में कवि पुष्पदंत शैव-धर्म को मानते थे; कालांतर में किसी जैन मुनि के संसर्ग में आने के बाद जैन-धर्म में दीक्षित हो गए और राष्ट्रकूट राजाओं की राजधानी मान्यखेट में आकर उन्होंने अपने आश्रयदाता अमात्य भारत के अनुरोध पर जिन-भक्ति से प्रेरित होकर महापुराण का सृजन किया । इनके दो अन्य ग्रंथ हैं- जसहर चरिउ और णायकुमार चरिउ । दसवी शताब्दी में राष्ट्रकूट राज्य के संरक्षण में रहकर उन्होंने अपनी उपर्युक्त तीनों कालजयी कृतियों का सृजन किया है । इन सभी कृतियों में उनके युग की सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, आर्थिक, और साहित्यिक प्रवृत्तियों का व्यापक रूप में चित्रण किया गया है । तत्कालीन इतिहास के अभाव में समाज का पूर्ण विवरण प्रदान करने में हमें पुष्पदंत के ग्रंथ सहायता करते हैं ।

लेखक परिचय

योगेन्द्र नाथ शर्मा 'अरुण' (जन्म 1941 कनखल, हरिद्वार) कवि, जैन साहित्य के विद्वान तथा बाल साहित्यकार हैं । विभिन्न विधाओं की लगभग दो दर्जन कृतियाँ प्रकाशित । पत्र-पत्रिकाओं में भी निरंतर लेखन । कई महत्वपूर्ण शैक्षिक संस्थानों की सलाहकार समितियों के सदस्य रहे तथा वर्तमान में साहित्य अकादेमी हिंदी परामर्श मंडल के सदस्य ।

 

अनुक्रमणिका

1

अपनी बात

7

2

भूमिका

9

3

परिस्थितियाँ एवं साहित्यिक परिवेश

19

4

जीवन परिचय तथा कृतित्व

27

5

वैचारिक प्रदेय एवं महत्व

52

6

कला-सौष्ठव

72

7

उपसंहार

93

 

परिशिष्ट

 
 

1. सूक्ति कोश

96

 

2. त्रिषष्टि शलाकापुरुष सूची

99

 

3. महाकवि पुष्पदंत के ग्रंथों की पांडुलिपियों की प्रतियाँ

101

 

4. ग्रंथानुक्रमणिका

103

 

 

 

Sample Pages











पुष्पदंत (भारतीय साहित्य के निर्माता) - Pushpadanta (Makers of Indian Literature)

Item Code:
NZA293
Cover:
Paperback
Edition:
2014
ISBN:
9788126040025
Language:
Hindi
Size:
8.5 inch x 5.5 inch
Pages:
103
Other Details:
Weight of the Book: 145gms
Price:
$12.00   Shipping Free
Be the first to rate this product
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
पुष्पदंत (भारतीय साहित्य के निर्माता) - Pushpadanta (Makers of Indian Literature)
From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 5959 times since 6th Jan, 2019

पुस्तक परिचय

संस्कृत और प्राकृत के व्याकरण बद्ध हो जाने के पश्चात्! छठी शताब्दी में अपभ्रंश का प्रयोग आरंभ हो चुका था, लेकिन अपभ्रंश भाषा में रची गई महत्वपूर्ण साहित्यिक रचनाएँ आठवीं शताब्दी के बाद ही मिल पाती हैं ।

महाकवि पुष्पदंत अपभ्रंश भाषा के ऐसे समर्थ कवि हैं, जिन्हें अपभ्रंश के आदि कवि स्वयंभू देव के पश्चात् सर्वाधिक प्रसिद्धि और महत्त्व मिला है । आरंभ में कवि पुष्पदंत शैव-धर्म को मानते थे; कालांतर में किसी जैन मुनि के संसर्ग में आने के बाद जैन-धर्म में दीक्षित हो गए और राष्ट्रकूट राजाओं की राजधानी मान्यखेट में आकर उन्होंने अपने आश्रयदाता अमात्य भारत के अनुरोध पर जिन-भक्ति से प्रेरित होकर महापुराण का सृजन किया । इनके दो अन्य ग्रंथ हैं- जसहर चरिउ और णायकुमार चरिउ । दसवी शताब्दी में राष्ट्रकूट राज्य के संरक्षण में रहकर उन्होंने अपनी उपर्युक्त तीनों कालजयी कृतियों का सृजन किया है । इन सभी कृतियों में उनके युग की सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, आर्थिक, और साहित्यिक प्रवृत्तियों का व्यापक रूप में चित्रण किया गया है । तत्कालीन इतिहास के अभाव में समाज का पूर्ण विवरण प्रदान करने में हमें पुष्पदंत के ग्रंथ सहायता करते हैं ।

लेखक परिचय

योगेन्द्र नाथ शर्मा 'अरुण' (जन्म 1941 कनखल, हरिद्वार) कवि, जैन साहित्य के विद्वान तथा बाल साहित्यकार हैं । विभिन्न विधाओं की लगभग दो दर्जन कृतियाँ प्रकाशित । पत्र-पत्रिकाओं में भी निरंतर लेखन । कई महत्वपूर्ण शैक्षिक संस्थानों की सलाहकार समितियों के सदस्य रहे तथा वर्तमान में साहित्य अकादेमी हिंदी परामर्श मंडल के सदस्य ।

 

अनुक्रमणिका

1

अपनी बात

7

2

भूमिका

9

3

परिस्थितियाँ एवं साहित्यिक परिवेश

19

4

जीवन परिचय तथा कृतित्व

27

5

वैचारिक प्रदेय एवं महत्व

52

6

कला-सौष्ठव

72

7

उपसंहार

93

 

परिशिष्ट

 
 

1. सूक्ति कोश

96

 

2. त्रिषष्टि शलाकापुरुष सूची

99

 

3. महाकवि पुष्पदंत के ग्रंथों की पांडुलिपियों की प्रतियाँ

101

 

4. ग्रंथानुक्रमणिका

103

 

 

 

Sample Pages











Post a Comment
 
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy
Based on your browsing history
Loading... Please wait

Items Related to पुष्पदंत (भारतीय साहित्य... (Language and Literature | Books)

Ramadasu - Makers of Indian Literature (An Old and Rare Book)
by B. Rajanikanta Rao
PAPERBACK (Edition: 1988)
Sahitya Akademi, Delhi
Item Code: NAS682
$13.00
Add to Cart
Buy Now
Rabindranath Tagore (Makers of Indian Literature)
by Sisirkumar Ghosh
Paperback (Edition: 2012)
Sahitya Akademi, Delhi
Item Code: IDF806
$12.00
SOLD
शांतिप्रिय द्विवेदी: Shantipriya Dwivedi (Makers of Indian Literature)
Deal 20% Off
Item Code: NZD911
$12.00$9.60
You save: $2.40 (20%)
Add to Cart
Buy Now
Manohar Malgonkar (Makers of Indian Literature)
by Usha Bande
Paperback (Edition: 2016)
Sahitya Akademi, Delhi
Item Code: NAN937
$16.00
Add to Cart
Buy Now
Eknath (Makers of Indian Literature)
Deal 20% Off
by G. V. Tagare
Paperback (Edition: 1993)
Sahitya Akademi, Delhi
Item Code: IDD929
$12.00$9.60
You save: $2.40 (20%)
Add to Cart
Buy Now
Jayadeva - Makers of Indian Literature
by Suniti Kumar Chatterji
Paperback (Edition: 1996)
Sahitya Akademi, Delhi
Item Code: IDE093
$12.00
Add to Cart
Buy Now
Jagannatha Das (Makers of Indian Literature)
Deal 20% Off
by Sitakant Mahapatra
Paperback (Edition: 1998)
Sahitya Akademi, Delhi
Item Code: IDF800
$12.00$9.60
You save: $2.40 (20%)
Add to Cart
Buy Now
Sri Aurobindo (Makers of Indian Literature)
Deal 20% Off
by Manoj Das
Paperback (Edition: 2010)
Sahitya Akademi, Delhi
Item Code: IDD923
$12.00$9.60
You save: $2.40 (20%)
Add to Cart
Buy Now
Tarasankar Bandyopadhyay - Makers of Indian Literature (An Old and Rare Book)
by Mahasveta Devi
PAPERBACK (Edition: 1983)
Sahitya Akademi, Delhi
Item Code: NAR830
$13.00
Add to Cart
Buy Now
Swarnakumari Devi (Makers of Indian Literature)
by Sudakshina Ghose
PAPERBACK (Edition: 2008)
Sahitya Akademi, Delhi
Item Code: NAR831
$16.00
Add to Cart
Buy Now
P. Kunjiraman Nair (Makers of Indian Literature)
by P. M. Narayanan
PAPERBACK (Edition: 2007)
Sahitya Akademi, Delhi
Item Code: NAR825
$16.00
Add to Cart
Buy Now
Dattatreya Ramachandra Bendre - Makers of Indian Literature (An Old and Rare Book)
by G. S. Amur
PAPERBACK (Edition: 1994)
Sahitya Akademi, Delhi
Item Code: NAR826
$13.00
Add to Cart
Buy Now
J. Krishnamurti (Makers of Indian Literature)
by Shanta Rameshwar Rao
PAPERBACK (Edition: 2017)
Sahitya Akademi, Delhi
Item Code: NAR827
$16.00
Add to Cart
Buy Now
Testimonials
Rec'd. It is very very good. Thank you!
Usha, USA
Order a rare set of books generally not available. Received in great shape, a bit late, I am sure Exotic India team worked hard to obtain a copy. Thanks a lot for effort to support Indians World over!
Vivek Sathe
Shiva came today.  More wonderful  in person than the images  indicate.  Fast turn around is a bonus. Happy trail to you.
Henry, USA
Namaskaram. Thank you so much for my beautiful Durga Mata who is now present and emanating loving and vibrant energy in my home sweet home and beyond its walls.   High quality statue with intricate detail by design. Carved with love. I love it.   Durga herself lives in all of us.   Sathyam. Shivam. Sundaram.
Rekha, Chicago
People at Exotic India are Very helpful and Supportive. They have superb collection of everything related to INDIA.
Daksha, USA
I just wanted to let you know that the book arrived safely today, very well packaged. Thanks so much for your help. It is exactly what I needed! I will definitely order again from Exotic India with full confidence. Wishing you peace, health, and happiness in the New Year.
Susan, USA
Thank you guys! I got the book! Your relentless effort to set this order right is much appreciated!!
Utpal, USA
You guys always provide the best customer care. Thank you so much for this.
Devin, USA
On the 4th of January I received the ordered Peacock Bell Lamps in excellent condition. Thank you very much. 
Alexander, Moscow
Gracias por todo, Parvati es preciosa, ya le he recibido.
Joan Carlos, Spain
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2021 © Exotic India