सुधीन नाथ घोष (भारतीय साहित्य के निर्माता) - Sudhin Nath Ghosh (Makers of Indian Literature)

सुधीन नाथ घोष (भारतीय साहित्य के निर्माता) - Sudhin Nath Ghosh (Makers of Indian Literature)

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Item Code: NZA300
Author: श्यामला ए. नारायण (Shyamla A. Narayan)
Publisher: Sahitya Akademi, Delhi
Language: Hindi
Edition: 1992
ISBN: 8172011865
Pages: 88
Cover: Paperback
Other Details 8.5 inch x 5.5 inch
Weight 130 gm

पुस्तक परिचय

सुधीन नाथ घोष (1899 1965) एक भारतीय अग्रेजी लेखक थे, जिन्होंने कई वर्षो तक इंगलैंड में भी प्रवास किया और लदन के द टाइम्स द्वास इस सस्तुति के बावजूद कि वे भारत के बहुत महत्वपूर्ण उपन्यासकार हैं, समालोचनात्मक तौर पर उन पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया । श्री घोष की रचनाओं में चार उपन्यासों की श्रृखला, भारत एव तिब्बत की लोक कथाओं तथा आख्यानों के सग्रह और अन्यान्य विद्वत्तापूर्ण पुस्तकें सम्मिलित है । उनके उपन्यास एक त्रयी का निर्माण करते हैं जिसके केन्द्र में एक वाचक होता है इन उपन्यासों की विषय वस्तु, निहित स्थितियां और समस्याएँ इतनी समकालीन है कि यह विश्वास करना कठिन हो जाता है कि ये आज से लगभग 40 45 वर्ष पूर्व लिखी गयी थीं भारत के रग, स्वर और सुरभि को पकड़ पाने में उनकी भाषा सर्वथा सक्षम रही है उनके रेखा चित्रों ने उस धरती के परिवेश को जीवत करने में बड़ी सहायता की, जिसे वे प्यार करते थे

श्री घोष ने अपने कथा साहित्य के प्रणयन के लिए प्राचीन भारतीय शैली क्ये ही अपनाया, जिसमें एक आख्यान से दूसरे उपाख्यान जुड़ते जाते है भले ही वे लोक वृत हों या इतिहास और जिनके स्रोत पुराणों मे ढूँढ़े जा सकते है वे भारतीय अग्रेज़ी के पहले ऐसे लेखक थे, जिन्होंने आख्यान में गद्य और पद्य दोनों ही शैलियों को विन्यस्त किया जो हमें प्राचीन चम्पू काव्य की याद दिलाते है लोक कथाओं के उनकी संकलित लोक कथाएँ केवल पंचतंत्र या हितोपदेश की कथाओं तक ही सीमित नहीं, बल्कि वे उस वाचिक परम्परा से भी ओत प्रोत है जो विभिन्न हिन्दू बस्तियों और बौद्ध सस्थानों में विद्यमान थीं वे यथार्थ और विविधता पैदा करने के लिए इन कहानियों मे कुछ बारीकियाँ भी उत्पन्न करते है

लेखक परिचय

प्रस्तुत विनिबध की लेखिका श्रीमती श्यामला ए. नारायण (जन्म 1947) जीविका से एक अध्यापिका हैं उनके समालोचनात्मक एव समीक्षात्मक लेख देश विदेश की साहित्यिक पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं।

 

अनुक्रम

1

परिचय

7

2

एंड गज़ेल्स लीपिंग (छौने की कुलांच)

15

3

क्रैड्ल ऑफ द क्लाउड्स (बादलों का पालना)

25

4

द वरमिलियन बोट (सिंदूरी नौका)

36

5

द फ़्लेम ऑफ़ द फ़ॉरेस्ट (पलाश)

56

6

अन्य कृतियाँ

71

7

घोष और भारतीय कथा लेखन

75

8

निष्कर्ष

80

9

ग्रन्थ सूची

86

 

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