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उमराव जान 'अदा': Umrao Jan 'Ada'

उमराव जान 'अदा': Umrao Jan 'Ada'
$16.00
Item Code: NZF128
Author: मिर्ज़ा हादी 'रुस्वा' (Mirza Hadi 'Ruswa')
Publisher: Rajkamal Prakashan Pvt. Ltd.
Language: Hindi
Edition: 2012
ISBN: 9788126711413
Pages: 96
Cover: Paperback
Other Details: 8.5 inch X 6.5 inch
पुस्तक परिचय

उमराव जान 'अदा' उर्दू के आरम्भिक उपन्यासों में अहम स्थान रखता है! वस्तुत: यह आत्मकथात्मक उपन्यास है जिसे मिर्ज़ा हादी 'रुस्वा' कलमबंद किया किया है! शायर होने के नाते लेखक तवायफ-शायर उमराव जान 'अदा' को काफी करीब से जानता था! उमराव ने अपने संस्मरण स्वाम मिर्ज़ा को सुनायें थे !

फैज़ाबाद की बच्ची 'अमीरन' के लखनऊ में तवायफ,उमराव जान से शायरा 'अदा' बनने तक के सफरको समेटती हुई यह कथा उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध्द की विन्डंबनाओं, विसंगतियों तह अंग्रेजी दौर की तबाहियों का भी ख़ाका खींचती है! अपने रूप-सौन्दर्य, मधुर कण्ठ, नृत्य-कला, नफासत तथा अदबी तौर-तरीक़ों के कारन उमराव जान अमीरों-रईसों में ससम्मान लोकप्रिय रही! बचपन में ही बेघर हो जाने की वजह से ताउम्र वह मोहब्बत की तलाश में भटकती रहिन१ उसने वे साड़ी त्रासदियां भोगिन जो एक सवेंदनशील व्यक्ति के दरपेश होती है!

उपन्यास में भाषा का इस्तेमाल पात्रे और प्रस्थिति के अनुकूल है जो मार्मिक है और प्रभावशाली भी! उर्दू के अवधि लहज़े की मिठास इसकी सबसे बड़ी ख़ासियत है! अनुवादक गिरीश माथुर ने मूल भाषा की सजीवता बरक़रार राखी है !







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