| Specifications |
| Publisher: RADHA PUBLICATIONS, DELHI | |
| Author Dinesh Mishra | |
| Language: Hindi | |
| Pages: 268 | |
| Cover: HARDCOVER | |
| 9.0x6.0 Inch | |
| Weight 480 gm | |
| Edition: 2026 | |
| ISBN: 9788198836694 | |
| HCF801 |
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दिनेश मिश्र
जन्म: 19 जून 1945, महाराजपुर, मण्डला म. प्र. शिक्षा: एम. ए. इतिहास, बी. लिब. एस-सी.
(विक्रम विश्वविद्यालय) सम्प्रति 1971-73 में दिग्विजय महाविद्यालय, राजनांदगांव में
एवं 1979 से 2005 में सेवानिवृत्ति तक शासकीय रानी दुर्गावती स्नातकोत्तर महाविद्यालय,
मण्डला में लायब्रेरियन के पद पर । प्रकाशन : 1. वीरांगना रानी दुर्गावती सम्पूर्ण
रेडियो नाटक, विश्वभारती प्रकाशन, नागपुर 2. नर्मदे सुर लय में, माहिष्मती प्रेस, मण्डला
म. प्र. 3. फोक टेल्स आफ महाकोशल वेरियर एल्विन का हिन्दी अनुवाद-राजकमल प्रकाशन, दिल्ली
4. योगेश्वर दादा धनीराम चरित्र 5. वीराँगना रानी दुर्गावती (रेडियो नाटक) नमन प्रकाशन,
नई दिल्ली प्रकाशनाधीन : 1. सांग्स आफ मेकल हिल्स-वेरियर एल्विन, राजकमल प्रकाशन, दिल्ली
2. स्टोरी आफ गोंडवाना चेटरटन, राजकमल प्रकाशन, दिल्ली विविध: सम्पूर्ण रेडियो नाटक
"वीरांगना रानी दुर्गावती" का धारावाहिक रूप में प्रसारण इतिहास, लोकसंस्कृति,
लोकजीवन से संबंधित रेडियो वार्ताओं का प्रसारण और देश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में
लेखों तथा कविताओं का प्रकाशन ।
ये गाँव नहीं
है मेरा-धरती पर नन्हा स्वर्ग बसा है। जिस माटी से महका जीवन फिर से उसका स्वाद चखा
है। जैसा बोध हुआ अंतः में, वही चित्र वन उभर गये हैं। भला बुरा जो जैसा माने-मानों
हम ही भटक चुके हैं। शब्द नहीं हम कहें तो कैसे, हर घर देहरी के अरमान । यंत्र नहीं
कोई कैसे तौले, सच्चे जीवन की पहचान । जिन जिन गलियों ने लढ्याया, उनसे कैसे दूर हटूं।
जिन जिन हाथों ने संवारा, उनको कैसे भूल चलूं"
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