आपकी इस बात पर क्या प्रतिक्रिया होगी की यदि आपको पुनः जन्म लेने का मौका दिया जाये, और साथ ही आपको इस जीवन की सारी बातें भी याद रहे। हमें लगता है कि आप प्रसन्न हो जांएगे कि यह स्वयं का पुनः विकास करने का मौका होगा। लेकिन क्या हमारे अगले जन्म में इस जीवन की हर बात को याद रखना संभव है? हमारे वर्तमान वैज्ञानिक ज्ञान के अनुसार, उपरोक्त प्रश्न का उत्तर है कि यह संभव नहीं है। परन्तु दुबारा जन्म लेने की प्रतीक्षा क्यों करना? वर्तमान में उम्मीद क्यों छोड़ना? क्यों ना इसी जीवन में दुबारा शुरूआत करके उन सभी चीजों का निर्माण किया जाये, जो हम दूसरे जीवन में करना चाहते हैं? आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आप यह सब अपने वर्तमान जीवन में ही कर सकते हैं। क्या यह सम्भव है? न्यूरोसांइस और क्वांटम भौतिकी के सिद्धान्तों के आधार पर उत्तर है- हाँ यह सम्भव है। दूसरे शब्दों में हम इसी जीवन में पुनर्जन्म ले सकते हैं। हमारे जीवन की भौतिक वास्तविकताएँ, हमारे अवचेतन की प्रोग्रामिंग का प्रिंटआउट हैं। हम अपने जीवन की पटकथा अपने चेतन मस्तिष्क से नहीं लिख रहे हैं बल्कि हमारा अवचेतन हमसे लिखवा रहा है। परन्तु जिन भी परिस्थितियों में हम बड़े हुए हैं उन्होने हमारे अवचेतन को अच्छे ढंग से प्रभावित, व प्रोग्राम कर दिया है। जिसके कारण हमारा अवचेतन मस्तिष्क हमारे जीवन की सर्वोत्तम पटकथा नहीं लिख सकता है उसके लिए, उसमें सुधार की आवश्यकता है जिसकी चर्चा हम इस पुस्तक में कर रहे हैं।
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