तोडलतंत्रम् निर्वाणतन्त्रम् (संस्कृत एवम् हिन्दी अनुवाद): Todaltantram Nirvantantram
Look Inside

तोडलतंत्रम् निर्वाणतन्त्रम् (संस्कृत एवम् हिन्दी अनुवाद): Todaltantram Nirvantantram

Best Seller
FREE Delivery
$26.50
Quantity
Ships in 1-3 days
Item Code: NZA023
Author: S.N. Khandelwal
Publisher: Chaukhamba Surbharati Prakashan
Language: (Sanskrit Text With Hindi Translation)
Edition: 2012
ISBN: 9789381484104
Pages: 78
Cover: Hardcover
Other Details 9.0 inch X 6.0 inch
Weight 360 gm
23 years in business
23 years in business
Shipped to 153 countries
Shipped to 153 countries
More than 1M+ customers worldwide
More than 1M+ customers worldwide
Fair trade
Fair trade
Fully insured
Fully insured

पुस्तक परिचय

तोडलतन्त्रम्-यह तन्त्र केवल अधिकारीगण के लिए ही है। यथाविधि दीक्षित तथा कौलगुरु के शरणापत्र होने पर ही इस तन्त्र में उक्त की गई साधना फलदायी हो सकती है। पंचमकार पद्धति का आश्रम लेकर साधना-पथ पर अग्रसर होने का विधान भी सांकेतिक रूप से इसमें वर्णित है। सदगुरु का आश्रय लेकर इस तन्त्रोक्त विधान का अनुशीलन करने पर वांछित फल प्राप्त किया जा सकता है।

निर्वाणतन्त्रम्-यह मूलत: कौल-साधनापरक ग्रन्थ कहा जा सकता है। इसमें कौलसाधना अन्तर्गत पचंमत्तव (पंचम मकार) परक साधना को इंगिग करने के साथ-साथ उसके रहस्यों उद्घाटन करते हुये जिस प्रकार की संकेतात्मक पद्धति अपनाई गई है उससे प्रतीत होता है कि उच्चस्तरीय कौलगुरु के लिये विनानात्मक निर्देश देने-हेतु इसका प्रणयन किया गया है, जो कि प्राथमिक विधान के पूर्ण वेत्ता होने हैं। इसमें निहित तत्वों को जानने के लिये अनुसन्धित्सुओं के लिये 'आगमतत्व विलास' 'सर्वोल्लासतन्त्र' के साथ-साथ अन्य कौलसाधना-परक ग्रन्थों का अध्ययन करना आवशक है । ऐसा करने पर ही इस ग्रन्थ के साधनतत्वमय महत्व का वास्तविक आकंलन किया जा सकेगा।





Sample Pages


Add a review
Have A Question

For privacy concerns, please view our Privacy Policy

CATEGORIES