अपनी मातृभूमि में स्वामी विवेकानन्द आधुनिक युग के देशभक्त, संत तथा भारत की प्रसुप्त राष्ट्रीय चेतना के प्रेरणा पुरुष माने जाते हैं। स्वामी जी ने एक बार स्वयं को 'घनीभूत भारत' की संज्ञा प्रदान की थी। एशिया का मानस समझने के लिए उनके जीवन तथा वाणी का महत्व असीम है। उनके कार्य एवं व्यक्तित्व वर्णनातीत हैं। स्वामी जी ने अपने गुरु रामकृष्ण देव से मानव सेवा एवं जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य ईश्वरोपलब्धि की जो शिक्षा प्राप्त की थी उसे पूर्णरूप से अपने जीवन में उतारा था। यही उनके जीवन की सर्वोत्कृष्ट उपलब्धियाँ थीं। प्रस्तुत चरितावली में स्वामी जी की जीवन-लीला को अंकित कर आम पाठकों तक पहुँचाने का जो श्रम किया गया है उसकी किंचित सार्थकता भी आप विद्वतजनों की भावग्राहकता एवं सहृदयता पर निर्भर है।
डॉ० राम बहादुर राय शैक्षणिक उपलब्धियाँ एम० ए० (हिन्दी) 1981 एल० एल० बी० 1982 पीएच० डी० 1991 (आधुनिक जीवन दृष्टि और कबीर साहित्य धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रीय एकता के विशेष संदर्भ में) अन्य क्षेत्र में विशेष योगदान : होम्योपौथिक चिकित्या द्वारा समाज सेवा
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