प्राक्कथन
आज की भागदौड़ की जिन्दगी बहुत ही कठिन हो गई है। आज दस में पाँच व्यक्तियों की शिकायत होती है कि बिस्तर पर आने पर नींद ही नहीं आती है। दिन भागने-दौड़ने में बीत जाता है और थक-हारकर जब रात को बिस्तर पर आते हैं तो नींद क्यों नहीं आती है? आजकल मनोचिकित्सकों के पास अनिद्रा के रोगी सबसे अधिक पहुँचते हैं और उनकी यही शिकायत है कि अच्छी और जरूरी नींद के लिए क्या करना सही रहता है। मनोचिकित्सकों का जवाब होता है कि इस समस्या को आपने स्वयं ओढ़ा है। आप अपनी दिनचर्या में सुधार कर लें, स्वयं को हैल्दी और निरोग रखने की पूरी कोशिश करें तो आप को अनिद्रा से मुक्ति मिल सकती है। अनिद्रा कोई रोग न होकर रोगों का लक्षण है। आपको नींद नहीं आ रही है तो आप सबसे पहले उसका कारण जानें। आप कारण जानने में असमर्थ हैं तो अपना चेकअप कराएँ। यदि आपको हाई ब्लड प्रैशर, डायबिटीज, थायराइड आदि संबंधी प्राब्लम्स हैं तो आपकी नींद में खलल पड़ना स्वाभाविक है। आप यदि उपरोक्त रोगों में से किसी की गिरफ्त में आ गए हैं तो आप इन पर हमेशा नियंत्रण रखें। रोग पर से आपका नियंत्रण हटते ही वह आप पर हॉवी होता चला जाता है। जब एक बार कोई रोग व्यक्ति पर हॉवी हो जाता है तो वह व्यक्ति को अपने काबू में कर लेता है। और इस कदर काबू में कर लेता है कि व्यक्ति के शरीर में तरह-तरह की समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं। अनिद्रा उनमें से ही एक प्रमुख समस्या है जो आज घर-घर में घुस गयी है। आज एक छोटा बच्चा भी अनिद्रा की समस्या से परेशान है। 'लाइफ स्टाइल' की देन अनिद्रा है, मैं यह कहूँ तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। सत्य यही है। सुबह पाँच बजे बिस्तर छोड़ देना और दिन भर अपने कार्य के सिलसिले में व्यस्त रहना, फिर घर के कार्यों को करना, इसके बाद
लेखक परिचय
राजेन्द्र कुमार परिचय के मोहताज नहीं हैं। गृहलक्ष्मी तथा गृहनंदनी पत्रिकाओं का लगातार कई सालों तक इन्होंने संपादन किया है। कई पत्र-पत्रिकाओं के लिए इन्होंने कहानियाँ तथा आलेख भी लिखे हैं। प्रकाशित पुस्तकें लोगों पर अपना प्रभाव कैसे डालें, कार्य में सफलता पाने के उपाय, विद्यार्थी और मानसिक शक्ति, लक्ष्य, बॉडी लैंग्वेज, आप भी बन सकते हैं लीडर, श्रेष्ठता हासिल करने वाली नई तकनीकें, मन को खूबसूरत बनाएँ और कलता पाएँ, सफल बनाने वाली नई तकनीकें, अपनी क्षमताओं को पहचानिए, 101 सकारात्मक वादे, गुस्से पर विजय पाएँ, बच्चों को बनाएँ विजेता, एक कदम स्वच्छता की ओर, अपना विवाह बनाएँ हसीन, आदमी बूढ़ा होना नहीं चाहता, प्रॉब्लम सॉल्व करने वाली कहानियाँ, कैसे बनाएँ असंभव को संभव, बनिए व्यवहार कुशल, सफल होने के 101 ज्ञान सूत्र, सफलता के 12 सरल मंत्र, कैसे बनाएँ बच्चों को सफल व्यक्ति, क्या सब कुछ है पैसा, राइट पर्सन से कहें दिल की बात, अमीर बनने की अद्भुत इच्छा-शक्ति, सफलता की कुंजी आत्मविश्वास, सर्वगुण संपन्न बनने के 13 नियम, आप भी गलत हो सकते हैं, महिलाओं में है दम, आदमी क्यों करता है आत्महत्या, सुखद जीवन के 50 रहस्य, घरेलू विवाद : समस्याएँ और समाधान, अपना विवाह बचाएँ, हैप्पी मैरिड लाइफ, तलाक से बचने के तरीके, घर से भागता क्यों है बच्चा आदि।
पुस्तक परिचय
आज की भागदौड़ की जिन्दगी में लोगों को नींद नहीं आती। दिन भागने-दौड़ने में बीत जाता है और रात को बिस्तर पर जाने पर नींद न आना बीमारी का लक्षण हो सकता है। आजकल मनोचिकित्सकों के पास अनिद्रा के रोगियों का जमावड़ा लगा रहता है। आप अपनी दिनचर्या में सुधार कर लें, स्वयं को हेल्दी और निरोग रखने की पूरी कोशिश करें तो आपको अनिद्रा से मुक्ति मिल सकती है। अनिद्रा कोई रोग न होकर रोगों का लक्षण है। 'लाइफ स्टाइल' की देन अनिद्रा है। सोते समय अच्छा सोचें और अच्छे विचार लेकर सोएँ ताकि कोई भी दुर्भावना आप पर हावी न हो सके। दुर्भावना आप पर हॉवी हो जाती है तो आप पूरी तरह से नकारात्मकता से भर जाते हैं, फिर आप नींद में ऐसे ही सपने देखने लगते हैं, जिसमें आप डर जाते हैं, फिर थरथर कांपने लगते हैं। सपना इतना वीभत्स और डरावना जो होता है जिस कारण आपकी नींद टूट जाती है तो फिर आपको नींद नहीं आती। आपकी मन की स्थिति सामान्य होने में समय लगता है, तब तक सुबह हो जाती है। आप सकारात्मक सोचें, अच्छा सोचें। आज का जो समय है वह बहुत भीड़भाड़ वाला है और नींद न आना जिन्दगी को दूभर कर देता है। पुस्तक में नींद आने के आसान तरीकों का वर्णन सरल, सहज भाषा शैली में किया गया है ताकि पाठक पुस्तक का पठन कर और उन तरीकों को अपनाकर अच्छी, गहरी और लम्बी नींद लेकर चैन और सुखद जीवन व्यतीत कर सकें।
Hindu (हिंदू धर्म) (13739)
Tantra (तन्त्र) (1004)
Vedas (वेद) (727)
Ayurveda (आयुर्वेद) (2084)
Chaukhamba | चौखंबा (3180)
Jyotish (ज्योतिष) (1561)
Yoga (योग) (1169)
Ramayana (रामायण) (1334)
Gita Press (गीता प्रेस) (723)
Sahitya (साहित्य) (24809)
History (इतिहास) (9051)
Philosophy (दर्शन) (3634)
Santvani (सन्त वाणी) (2629)
Vedanta (वेदांत) (116)
Send as free online greeting card
Email a Friend
Visual Search
Manage Wishlist