Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Sign In  |  Sign up
Your Cart (0)
Best Deals
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindu > हिन्दी > उत्तर कालामृत (ग्रंथ कार महाकवि कालीदास): Uttar Kalamrit
Subscribe to our newsletter and discounts
उत्तर कालामृत (ग्रंथ कार महाकवि कालीदास): Uttar Kalamrit
उत्तर कालामृत (ग्रंथ कार महाकवि कालीदास): Uttar Kalamrit
(Rated 5.0)
Description

पुस्तक के विषय में

कवि कालिदास की कालजयी रचना आपके हाथ में है। इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है। उत्तर कालामृत निश्चयी ही काल मंथन कर अमृत की प्राप्ति का सफल प्रयास है। कदाचित् यह एकमात्र जातक ग्रन्थ है जिसमें मुहूर्त कर्मकांड को भी सम्मिलित कर काल का समग्र, समन्वित संतुलित चिंतन हुआ है।

इसमें1. जन्मकाल लक्षण, 2. ग्रह बल साधन, 3. आयुर्दाय, 4. ग्रहभाव फल के साथ 5. कारकत्व खंड में भाव ग्रहों के कारकत्व पर विचार हुआ है पाठकों की सुविधा के लिए इस टीका में राशि शील कारकत्व भी जोड़ दिया गया है आशा है सहृदय पाठक इस धृष्टता के लिए क्षमा करेंगे

अध्याय 6 दशाफल, 7 प्रश्न तथा 8 विविध फल सहित प्रथम कांड में कुल आठ खंड या अध्याय हैं

इसके बाद द्वितीय कांड अर्थात् कर्मकांड खंड में 105 श्लोकों में सुखी समृद्ध जीवन के लिए विधि निषेधों पर विस्तार से चर्चा हुई है।

अनिष्ट ग्रह शान्ति में व्रत पूजन श्राद्ध का विशेष महत्त्व है। कर्मकांड खंड में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, महाशिवरात्रि, एकादशी के व्रत तथा श्राद्ध और पिडंदान पर विशेष चर्चा हुई है। तीर्थयात्रा के नियम गायत्री जप (श्लोक संख्या 73) का वर्णन हुआ है।

कवि कालिदास के उत्तर कालामृत पर आदरणीय वी.सुब्रह्मण्यम शास्त्री और श्री. पी.एस शास्त्री की टीकाएँ अंग्रेजी भाषा में तथा श्री जगन्नाथ भसीन की टीका हिन्दी भाषा में उपलब्ध है।

कदाचित् इस पर नई टीका की आवश्यकता नहीं थी किन्तु इस अचरपूर्ण ग्रन्थ को पढ़ने पर लगा कि शायद कहीं कुछ छूट गया है उसे पूरा करने का यह छोटा सा प्रयास है पाठकों की सुविधा के लिए तालिकाएँ उदाहरण कुंडलियों जोड्ने से पुस्तक का आकार निश्चय ही थोड़ा बढ़ गया है किन्तु ज्योतिषप्रेमी इसे उपयोगी पाएँगे, ऐसा मेरा विश्वास है।

मेरे मित्र श्री अमृत लाल जैन उनके पुत्र श्री देवेन्द्र जैन ने सदा की भांति पुस्तक की पांडुलिपि सज्जा में जो सहयोग दिया उसके लिए वे प्रशंसा के पात्र हैं। शब्द संयोजन, आलेख संशोधन आवरण सज्जा सरीखे कठिन श्रमसाध्य कार्य पूरे करने में कार्यदल के सदस्यों का योगदान श्लाघनीय है। अन्त में गुरु कृपा और भगवत् कृपा का आभार मानना होगा क्योंकि वही तो लेखनी की प्राणशक्ति हैं। ''गोपाल की करी सब होई, जो अपना पुरुषारथ मानत अति झूठी है सोई। ''सो मैं तो झूठा नहीं बनूँगा...

 

आभार

मैं आभारी हूँ ज्योतिष प्रेमी जनता का जिसके कारण यह ऋषियों द्वारा दिया गया दैवीय विज्ञान आज नए शिखर छू रहा है। भारतीय संस्कृति की उत्कृष्ट धरोहर का दूसरा नाम ज्योतिष विज्ञान है।

इस दैवीय विज्ञान के प्रचार, प्रसार संवर्धन में तन-मन- धन से जुड़े सभी आस्थावान व्यक्ति निश्चय ही धन्यवाद के पात्र हैं। भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री एस. एन. कपूर ने तथ्यपरक शोध की गौरवशाली परंपरा आरंभ की है आशा है निकट भविष्य में इसके सुखद परिणाम सभी को प्राप्त होंगे ज्योतिष विज्ञान के शोध में संलग्न सभी छात्रों की निष्ठा समर्पण भाव निश्चय ही प्रशंसनीय हैं मेरे गुरुजन श्री .बी. शुक्ल, श्री जे.एन. शर्मा, श्री रोहित वेदी, श्री के. रंगाचारी, डॉ. निर्मल जिंदल, डॉ. श्रीकांत गौड़, श्री विनय आदित्य, श्री विजय राघव पंत ने मेरा उत्साह मनोबल बढ़ाया, उनके मार्गदर्शन स्नेहपूर्ण सहयोग के लिए मैं उनका आभारी हूँ मेरे मित्र श्री हरीश आहूजा, डॉ. सुरेन्द्र शास्त्री जम्मू वाले, पंडित संजय शर्मा तथा श्री राजेश वढेरा इस साहित्य यात्रा में मेरे साथ रहे मैं उनका धन्यवाद करता हूँ। आदरणीय श्री अमृतलाल जैन, उनके पुत्र श्री देवेन्द्र जैन तथा उनके कार्यदल के सदस्यों ने निष्ठापूर्वक श्रम कर इस पुस्तक को सजाया संवारा मैं मुक्त कंठ से उनकी प्रशंसा करता हूँ। उन सभी का धन्यवाद। मेरे छात्र, प्रशंसक और पाठक कदाचित् मेरी लेखनी की प्राण शक्ति हैं। उनके आग्रह आत्मीयतापूर्ण अनुरोध से ही इस पुस्तक का जन्म हुआ अन्यथा यह पुस्तक लिखी ही जाती अन्त में उस नटखट नन्द किशोर ने मन में घुसपैठ कर क्या शरारत की इसे तो बस वही जानता है यह कृति उसकी है मेरी नहीं। वह आप पर कृपालु हो, सदा दयादृष्टि रखे, यही कामना है उसे कोटिश : नमन...

 

विषय-सूची

अध्याय-1

जन्मकाल लक्षण खंड

1

अध्याय-2

बल साधन खंड

21

अध्याय-3

आयुर्दाय खंड

51

अध्याय-4

ग्रहभाव खंड

78

अध्याय-5

कारकत्व खंड

166

अध्याय-5

का परिशिष्ट

अध्याय-6

दशाफल खंड

276

अध्याय-6

का परिशिष्ट

अध्याय-7

प्रश्न खंड

371

अध्याय-8

प्रकीर्ण खंड

397

अध्याय-9

कर्मकांड खंड (प्रथम भाग)

436

अध्याय-10

कर्मकांड खंड (द्वितीय भाग)

483

 

परिशिष्ट-1

513

 

परिशिष्ट-2

523

उत्तर कालामृत (ग्रंथ कार महाकवि कालीदास): Uttar Kalamrit

Item Code:
NZA798
Cover:
Paperback
Edition:
2019
Publisher:
ISBN:
9788179480533
Language:
Hindi
Size:
8.5 inch X 5.5 inch
Pages:
526
Other Details:
Weight of the Book: 580 gms
Price:
$31.00   Shipping Free
Your rating
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
उत्तर कालामृत (ग्रंथ कार महाकवि कालीदास): Uttar Kalamrit
From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 16323 times since 16th Jul, 2019

पुस्तक के विषय में

कवि कालिदास की कालजयी रचना आपके हाथ में है। इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है। उत्तर कालामृत निश्चयी ही काल मंथन कर अमृत की प्राप्ति का सफल प्रयास है। कदाचित् यह एकमात्र जातक ग्रन्थ है जिसमें मुहूर्त कर्मकांड को भी सम्मिलित कर काल का समग्र, समन्वित संतुलित चिंतन हुआ है।

इसमें1. जन्मकाल लक्षण, 2. ग्रह बल साधन, 3. आयुर्दाय, 4. ग्रहभाव फल के साथ 5. कारकत्व खंड में भाव ग्रहों के कारकत्व पर विचार हुआ है पाठकों की सुविधा के लिए इस टीका में राशि शील कारकत्व भी जोड़ दिया गया है आशा है सहृदय पाठक इस धृष्टता के लिए क्षमा करेंगे

अध्याय 6 दशाफल, 7 प्रश्न तथा 8 विविध फल सहित प्रथम कांड में कुल आठ खंड या अध्याय हैं

इसके बाद द्वितीय कांड अर्थात् कर्मकांड खंड में 105 श्लोकों में सुखी समृद्ध जीवन के लिए विधि निषेधों पर विस्तार से चर्चा हुई है।

अनिष्ट ग्रह शान्ति में व्रत पूजन श्राद्ध का विशेष महत्त्व है। कर्मकांड खंड में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, महाशिवरात्रि, एकादशी के व्रत तथा श्राद्ध और पिडंदान पर विशेष चर्चा हुई है। तीर्थयात्रा के नियम गायत्री जप (श्लोक संख्या 73) का वर्णन हुआ है।

कवि कालिदास के उत्तर कालामृत पर आदरणीय वी.सुब्रह्मण्यम शास्त्री और श्री. पी.एस शास्त्री की टीकाएँ अंग्रेजी भाषा में तथा श्री जगन्नाथ भसीन की टीका हिन्दी भाषा में उपलब्ध है।

कदाचित् इस पर नई टीका की आवश्यकता नहीं थी किन्तु इस अचरपूर्ण ग्रन्थ को पढ़ने पर लगा कि शायद कहीं कुछ छूट गया है उसे पूरा करने का यह छोटा सा प्रयास है पाठकों की सुविधा के लिए तालिकाएँ उदाहरण कुंडलियों जोड्ने से पुस्तक का आकार निश्चय ही थोड़ा बढ़ गया है किन्तु ज्योतिषप्रेमी इसे उपयोगी पाएँगे, ऐसा मेरा विश्वास है।

मेरे मित्र श्री अमृत लाल जैन उनके पुत्र श्री देवेन्द्र जैन ने सदा की भांति पुस्तक की पांडुलिपि सज्जा में जो सहयोग दिया उसके लिए वे प्रशंसा के पात्र हैं। शब्द संयोजन, आलेख संशोधन आवरण सज्जा सरीखे कठिन श्रमसाध्य कार्य पूरे करने में कार्यदल के सदस्यों का योगदान श्लाघनीय है। अन्त में गुरु कृपा और भगवत् कृपा का आभार मानना होगा क्योंकि वही तो लेखनी की प्राणशक्ति हैं। ''गोपाल की करी सब होई, जो अपना पुरुषारथ मानत अति झूठी है सोई। ''सो मैं तो झूठा नहीं बनूँगा...

 

आभार

मैं आभारी हूँ ज्योतिष प्रेमी जनता का जिसके कारण यह ऋषियों द्वारा दिया गया दैवीय विज्ञान आज नए शिखर छू रहा है। भारतीय संस्कृति की उत्कृष्ट धरोहर का दूसरा नाम ज्योतिष विज्ञान है।

इस दैवीय विज्ञान के प्रचार, प्रसार संवर्धन में तन-मन- धन से जुड़े सभी आस्थावान व्यक्ति निश्चय ही धन्यवाद के पात्र हैं। भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री एस. एन. कपूर ने तथ्यपरक शोध की गौरवशाली परंपरा आरंभ की है आशा है निकट भविष्य में इसके सुखद परिणाम सभी को प्राप्त होंगे ज्योतिष विज्ञान के शोध में संलग्न सभी छात्रों की निष्ठा समर्पण भाव निश्चय ही प्रशंसनीय हैं मेरे गुरुजन श्री .बी. शुक्ल, श्री जे.एन. शर्मा, श्री रोहित वेदी, श्री के. रंगाचारी, डॉ. निर्मल जिंदल, डॉ. श्रीकांत गौड़, श्री विनय आदित्य, श्री विजय राघव पंत ने मेरा उत्साह मनोबल बढ़ाया, उनके मार्गदर्शन स्नेहपूर्ण सहयोग के लिए मैं उनका आभारी हूँ मेरे मित्र श्री हरीश आहूजा, डॉ. सुरेन्द्र शास्त्री जम्मू वाले, पंडित संजय शर्मा तथा श्री राजेश वढेरा इस साहित्य यात्रा में मेरे साथ रहे मैं उनका धन्यवाद करता हूँ। आदरणीय श्री अमृतलाल जैन, उनके पुत्र श्री देवेन्द्र जैन तथा उनके कार्यदल के सदस्यों ने निष्ठापूर्वक श्रम कर इस पुस्तक को सजाया संवारा मैं मुक्त कंठ से उनकी प्रशंसा करता हूँ। उन सभी का धन्यवाद। मेरे छात्र, प्रशंसक और पाठक कदाचित् मेरी लेखनी की प्राण शक्ति हैं। उनके आग्रह आत्मीयतापूर्ण अनुरोध से ही इस पुस्तक का जन्म हुआ अन्यथा यह पुस्तक लिखी ही जाती अन्त में उस नटखट नन्द किशोर ने मन में घुसपैठ कर क्या शरारत की इसे तो बस वही जानता है यह कृति उसकी है मेरी नहीं। वह आप पर कृपालु हो, सदा दयादृष्टि रखे, यही कामना है उसे कोटिश : नमन...

 

विषय-सूची

अध्याय-1

जन्मकाल लक्षण खंड

1

अध्याय-2

बल साधन खंड

21

अध्याय-3

आयुर्दाय खंड

51

अध्याय-4

ग्रहभाव खंड

78

अध्याय-5

कारकत्व खंड

166

अध्याय-5

का परिशिष्ट

अध्याय-6

दशाफल खंड

276

अध्याय-6

का परिशिष्ट

अध्याय-7

प्रश्न खंड

371

अध्याय-8

प्रकीर्ण खंड

397

अध्याय-9

कर्मकांड खंड (प्रथम भाग)

436

अध्याय-10

कर्मकांड खंड (द्वितीय भाग)

483

 

परिशिष्ट-1

513

 

परिशिष्ट-2

523

Post a Comment
 
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy
Based on your browsing history
Loading... Please wait

Items Related to उत्तर कालामृत (ग्रंथ कार... (Hindu | Books)

Jataka Mani Manjuha (Parasara Astrology)
Item Code: NAJ720
$80.00
SOLD
Span of Life
Item Code: NAG532
$16.00
Add to Cart
Buy Now
Uttarakalamritam (Sanskrit Text with English Translation and Detailed Explanation)
by V. S. Sastri
Paperback (Edition: 2016)
Alpha Publications
Item Code: NAL180
$29.00
Add to Cart
Buy Now
Learn Astrology (The Easy Way)
by Dr. Gauri Shankar Kapoor
Paperback (Edition: 2015)
Ranjan Publications
Item Code: NAE915
$10.00
Add to Cart
Buy Now
Brhat-Samhita of Varaha-Mihira(Set of Two Volumes)
Item Code: NAE028
$55.00
Add to Cart
Buy Now
Astrology: An Authenitic Science
by Prof.K.Kmala
Paperback (Edition: 2006)
Osmania University, Hyderabad
Item Code: NAD221
$5.00
Add to Cart
Buy Now
Testimonials
I’ve started receiving many of the books I’ve ordered and every single one of them (thus far) has been fantastic - both the books themselves, and the execution of the shipping. Safe to say I’ll be ordering many more books from your website :)
Hithesh, USA
I have received the book Evolution II.  Thank you so much for all of your assistance in making this book available to me.  You have been so helpful and kind.
Colleen, USA
Thanks Exotic India, I just received a set of two volume books: Brahmasutra Catuhsutri Sankara Bhasyam
I Gede Tunas
You guys are beyond amazing. The books you provide not many places have and I for one am so thankful to have found you.
Lulian, UK
This is my first purchase from Exotic India and its really good to have such store with online buying option. Thanks, looking ahead to purchase many more such exotic product from you.
Probir, UAE
I received the kaftan today via FedEx. Your care in sending the order, packaging and methods, are exquisite. You have dressed my body in comfort and fashion for my constrained quarantine in the several kaftans ordered in the last 6 months. And I gifted my sister with one of the orders. So pleased to have made a connection with you.
EB Cuya FIGG, USA
Thank you for your wonderful service and amazing book selection. We are long time customers and have never been disappointed by your great store. Thank you and we will continue to shop at your store
Michael, USA
I am extremely happy with the two I have already received!
Robert, UK
I have just received the top and it is beautiful 
Parvathi, Malaysia
I received ordered books in perfect condition. Thank You!
Vladimirs, Sweden
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2021 © Exotic India