Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Sign In  |  Sign up
Your Cart (0)
Best Deals
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindu > हिन्दी > दशा फल विचार (योगिनी दशा, अष्टवर्ग और गोचर फल): Dasa Phal Vichar (Yogini Dasa, Astakvarg aur Gochar Phal)
Subscribe to our newsletter and discounts
दशा फल विचार (योगिनी दशा, अष्टवर्ग और गोचर फल):   Dasa Phal Vichar (Yogini Dasa, Astakvarg aur Gochar  Phal)
Pages from the book
दशा फल विचार (योगिनी दशा, अष्टवर्ग और गोचर फल): Dasa Phal Vichar (Yogini Dasa, Astakvarg aur Gochar Phal)
Look Inside the Book
Description

अपनी बात

विज्ञ पाठक भली भांति जानते हैं कि जन्म कुंडली मे ग्रहो की, परस्पर दृष्टि-युति अथवा भावो में स्थिति के कारण बनने वाले शुभ योग तत्सम्बंधी ग्रह दशा या मुक्ति (अन्तरदशा) काल मे ही फल दिया करते हैं।

''राशि फल विचार'' तथा ''भाव फल विचार'' के बाद ज्योतिष मित्रो, जिज्ञासु विद्यार्थीगण तथा बंधु-बांधवों ने ' 'दशा फल विचार' ' पर लिखने का आग्रह किया।

इस विषय पर मेरे गुरु श्री महेन्द्र नाथ केदार, सुप्रसिद्व ज्यार्तिविद आदरणीय जगन्नाथ भसीन, श्री जैड. . अन्सारी की उत्कृष्ट रचनाएँ बाजार में उपलका हैं अत: इस विषय पर कुछ भी लिखने का, मैं साहस नहीं जुटा पाया।

मेरे अभिन्न मित्र डाक्टर सुरेन्द्र शास्त्री (जम्मु वाले), श्री संजय शास्त्री? तथा श्री हरीश आद्या का विचार था कि ज्योतिष शास्त्र तो समुद्र सरीखा है इसमें गोता लगाने वाले को सुदर बहुमूल्य मोती मिलें-ये भला कब संभव है। अत: ये मानना कि शेष कुछ नहीं बचा, सभी कुछ समाप्त हो गया, सत्य के विपरीत बडी भ्रामक स्थिति है परस्पर विचार विमर्श के बाद निर्णय हुआ कि एक बहुत छोटा सा मात्र 100-120 पृष्ठ का संकलन बनाया जाए, जिसमे मात्र महत्त्वपूर्ण बातों की जानकारी क्रमबद्ध वैज्ञानिक पद्धति से प्रस्तुत की जाए। संकलित सामग्री को पाठक विभिन्न कुंडलियो मे स्वयं जांच परख सकें तथा अपने विचार अनुभव लेखक को बता सके, इस के लिए भी पुस्तक का आकार छोटा रखना आवश्यक था -इस पुस्तक मे ग्रह दशा फल का संकलन भाव कौतुहलम् उत्तर कालामृत, जातक परिजात तथा सारावली जैसे मानक ग्रथो से, मूल श्लोक सहित, किया गया है योगिनी दशा के उपयोग पर श्री राजीव झाजी श्री एन०के० शर्मा की पुस्तक निश्चय ही बेजोड है वही योगिनी स्कंध की प्राण शक्ति है।

प्राय: ग्रह दशा का विचार करते समय ग्रह गोचर का भी ध्यान रखना पडता है शुभ दशा तथा शुभ गोचर बहुधा अप्रत्याशित लाभ मान वृद्धि दे दिया करते हैं अत ''ग्रह गोचर फलम्' ' स्कन्ध का भी समावेश किया गया। अन्त मे, अष्टकवर्ग के व्यावहारिक प्रयोग पर भी एक्? अध्याय जोड दिया गया है इससे पुस्तक का आकार तो निश्चय ही बढ गया किन्तु शायद उससे भी अधिक इसकी उपयोगिता बढी है।

मित्रों के आग्रह से योगिनी दशा को भी सम्मिलित किया गया तथा विषय को स्पष्ट करने के लिए कुछ व्यावहारिक कुंडलियो का भी उपयोग हुआ है। मुझे पूर्ण विश्वास है पाठक इस संकलन को उपयोगी पाएगे तथा इस पुस्तक को स्नेह सम्मान देकर मेरा मनोबल बढ़ाएंगे।

 

कुतज्ञता ज्ञापन

ज्योतिष का पठन पाठन तथा प्रचार प्रसार, ऋषि ऋण से उऋण होने का श्रेष्ठ सरल साधन है। भारत के प्राचीन दिव्यदृष्टा ऋषियों द्वारा अर्जित दैव विद्या की सुरक्षा समृद्धि में सलग्न सभी महानुभावों का मैं हृदय से आभारी हूँ जिनके कारण आज भी ये दिव्य ज्योति, मानवमात्र के, जीवन को आलोकित कर रही है

परम् आदरणीय डॉक्टर बी वी रमण, श्री हरदेव शर्मा त्रिवेदी (ज्योषमति के आदि संस्थापक) आचार्य मुकन्द दैवज्ञ कुछ ऐसे कीर्ति स्तभ हैं जिनकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम ही होगी

भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद द्वारा आयोजित ज्योतिष प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुडे विद्वान श्री जे. एन शर्मा, डाक्टर ललिता गुप्ता, श्री आर्य भूषण शुक्ल, डाक्टर निर्मल जिन्दल श्री के. रंगाचारी, श्री एम एन केदार. श्री राम लाल द्विवेदी, डॉक्टर गौड़, इंजीनियर रोहित वेदी, आचार्य एम एम. जोशी, श्रीमती कुसुम वशिष्ठ निश्चय ही आदर प्रशंसा के पात्र हैं, जिन्होंने ज्योतिष की दिव्य ज्योति से अनेक छात्रों के जीवन को सुखी समृद्ध बनाया मैं इन सभी विद्वानों का आभारी हूँ ' अपने मित्र सहृ्दय पाठकों के स्नेह को भूल पाना मेरे लिए असंभव है कदाचित यही तो मेरी लेखनी की प्राणशक्ति है श्री अमृतलाल जैन, उनके सुपुत्र श्री देवेन्द्र कुमार जैन तथा उनके सहयोगी संपादन मंडल के सभी सदस्यों का मैं धन्यवाद करना चाहूँगा जिनके कृपापूर्ण सहयोग के बिना ये संकलन बनना असंभव था।

अन्त में उस नटखट चितचोर की बात करना जरूरी है शायद एक वही तो हम सब के भीतर बैठ कर नित नये खेल किया करता है कोई लेखक बनता है तो कोई प्रकाशक, कभी कोई पाठक बनता है तो कोई इस ज्ञान का. उपभोक्ता... सब कुछ बरन वही तो है।

उस नटवरनागर की कृपा सदा सभी पर बनी रहे। सभी जन स्वस्थ सुखी रहें, सम्मान समृद्धि पाएं इस प्रार्थना के साथ ज्योतिष प्रेमियों को यह कृति सादर समर्पित है।

 

विषय-सूची

दंशा स्कंध

अध्याय-1

दशा फल विचार के कतिपय सूत्र

1-34

अध्याय-2

सूर्य दशा फलम्

35-42

अध्याय-3

चंद्र दशा फलम्

43-49

अध्याय-4

मंगल दशा फलम्

50-56

अध्याय-5

राहु दशा फलम्

57-62

अध्याय-6

गुरु दशा फलम्

63-69

अध्याय-7

शनि दशा फलम्

70-76

अध्याय-8

बुध दशा फलम्

77-83

अध्याय-9

केतु दशा फलम्

84-88

अध्याय-10

शुक्र दशा फलम्

89-95

अध्याय-11

ग्रह दशा विशिष्ट फलम्

96-115

 

गोचर स्कंध

 

अध्याय-12

गोचर स्कंध सूर्य का फल

116-119

अध्याय-13

चंद्रमा का गोचर फल

120-112

अध्याय-14

मंगल का गोचर फल

123-125

अध्याय-15

बुध गोचर फल

126-128

अध्याय-16

गुरु का गोचर फल

129-131

अध्याय-17

शुक्र का गोचर फल

132-134

अध्याय-18

शनि का गोचर फल

135-140

अध्याय-19

राहु का गोचरफल

141-143

अध्याय-20

केतु का गोचर फल

144-146

अध्याय-21

गोचर ग्रह वेध फलम्

147-153

अध्याय-22

महत्वपूर्ण ग्रहों का गोचर फल

154-158

 

अष्टक वर्ग

 

अध्याय-23

अष्टक वर्ग का उपयोग

159-173

 

योगिनी स्कंध

 

अध्याय-24

योगिनी दशा

174-191

अध्याय-25

योगिनी दशा का प्रयोग

192-203

अध्याय-26

घटना की पुष्टि में योगिनी और विंशोत्त्तरी का प्रयोग

204-220

अध्याय-27

वर्ग कुंडली में दशा विचार

221-239

अध्याय-28

वर्ष कुंडली में दशा विचार

240-248

अध्याय-29

राशि का फल

249-263

अध्याय-30

घटना का समय और स्वरूप निर्धारण

264-293

अध्याय-31

अशुभ दशा का उपचार

294-305

 

परिशिष्ट

 

1

चंद्र स्पष्ट से ग्रह दशा का भोग्य काल जनना

 

2

ग्रह की दशा अर्न्तदशा क्रम और अवधि

 

3

अर्न्तदशा में प्रत्यन्तर दशा तालिका

 

4

सन्दर्भ ग्रंथ सूची

 

Sample Pages








दशा फल विचार (योगिनी दशा, अष्टवर्ग और गोचर फल): Dasa Phal Vichar (Yogini Dasa, Astakvarg aur Gochar Phal)

Item Code:
NZA826
Cover:
Paperback
Edition:
2012
Publisher:
ISBN:
9788179480168
Language:
Sanskrit Text with Hindi Translation
Size:
8.5 inch X 5.5 inch
Pages:
331
Other Details:
Weight of the Book: 430 gms
Price:
$15.00   Shipping Free
Look Inside the Book
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
दशा फल विचार (योगिनी दशा, अष्टवर्ग और गोचर फल):   Dasa Phal Vichar (Yogini Dasa, Astakvarg aur Gochar  Phal)

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 18557 times since 7th Jul, 2019

अपनी बात

विज्ञ पाठक भली भांति जानते हैं कि जन्म कुंडली मे ग्रहो की, परस्पर दृष्टि-युति अथवा भावो में स्थिति के कारण बनने वाले शुभ योग तत्सम्बंधी ग्रह दशा या मुक्ति (अन्तरदशा) काल मे ही फल दिया करते हैं।

''राशि फल विचार'' तथा ''भाव फल विचार'' के बाद ज्योतिष मित्रो, जिज्ञासु विद्यार्थीगण तथा बंधु-बांधवों ने ' 'दशा फल विचार' ' पर लिखने का आग्रह किया।

इस विषय पर मेरे गुरु श्री महेन्द्र नाथ केदार, सुप्रसिद्व ज्यार्तिविद आदरणीय जगन्नाथ भसीन, श्री जैड. . अन्सारी की उत्कृष्ट रचनाएँ बाजार में उपलका हैं अत: इस विषय पर कुछ भी लिखने का, मैं साहस नहीं जुटा पाया।

मेरे अभिन्न मित्र डाक्टर सुरेन्द्र शास्त्री (जम्मु वाले), श्री संजय शास्त्री? तथा श्री हरीश आद्या का विचार था कि ज्योतिष शास्त्र तो समुद्र सरीखा है इसमें गोता लगाने वाले को सुदर बहुमूल्य मोती मिलें-ये भला कब संभव है। अत: ये मानना कि शेष कुछ नहीं बचा, सभी कुछ समाप्त हो गया, सत्य के विपरीत बडी भ्रामक स्थिति है परस्पर विचार विमर्श के बाद निर्णय हुआ कि एक बहुत छोटा सा मात्र 100-120 पृष्ठ का संकलन बनाया जाए, जिसमे मात्र महत्त्वपूर्ण बातों की जानकारी क्रमबद्ध वैज्ञानिक पद्धति से प्रस्तुत की जाए। संकलित सामग्री को पाठक विभिन्न कुंडलियो मे स्वयं जांच परख सकें तथा अपने विचार अनुभव लेखक को बता सके, इस के लिए भी पुस्तक का आकार छोटा रखना आवश्यक था -इस पुस्तक मे ग्रह दशा फल का संकलन भाव कौतुहलम् उत्तर कालामृत, जातक परिजात तथा सारावली जैसे मानक ग्रथो से, मूल श्लोक सहित, किया गया है योगिनी दशा के उपयोग पर श्री राजीव झाजी श्री एन०के० शर्मा की पुस्तक निश्चय ही बेजोड है वही योगिनी स्कंध की प्राण शक्ति है।

प्राय: ग्रह दशा का विचार करते समय ग्रह गोचर का भी ध्यान रखना पडता है शुभ दशा तथा शुभ गोचर बहुधा अप्रत्याशित लाभ मान वृद्धि दे दिया करते हैं अत ''ग्रह गोचर फलम्' ' स्कन्ध का भी समावेश किया गया। अन्त मे, अष्टकवर्ग के व्यावहारिक प्रयोग पर भी एक्? अध्याय जोड दिया गया है इससे पुस्तक का आकार तो निश्चय ही बढ गया किन्तु शायद उससे भी अधिक इसकी उपयोगिता बढी है।

मित्रों के आग्रह से योगिनी दशा को भी सम्मिलित किया गया तथा विषय को स्पष्ट करने के लिए कुछ व्यावहारिक कुंडलियो का भी उपयोग हुआ है। मुझे पूर्ण विश्वास है पाठक इस संकलन को उपयोगी पाएगे तथा इस पुस्तक को स्नेह सम्मान देकर मेरा मनोबल बढ़ाएंगे।

 

कुतज्ञता ज्ञापन

ज्योतिष का पठन पाठन तथा प्रचार प्रसार, ऋषि ऋण से उऋण होने का श्रेष्ठ सरल साधन है। भारत के प्राचीन दिव्यदृष्टा ऋषियों द्वारा अर्जित दैव विद्या की सुरक्षा समृद्धि में सलग्न सभी महानुभावों का मैं हृदय से आभारी हूँ जिनके कारण आज भी ये दिव्य ज्योति, मानवमात्र के, जीवन को आलोकित कर रही है

परम् आदरणीय डॉक्टर बी वी रमण, श्री हरदेव शर्मा त्रिवेदी (ज्योषमति के आदि संस्थापक) आचार्य मुकन्द दैवज्ञ कुछ ऐसे कीर्ति स्तभ हैं जिनकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम ही होगी

भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद द्वारा आयोजित ज्योतिष प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुडे विद्वान श्री जे. एन शर्मा, डाक्टर ललिता गुप्ता, श्री आर्य भूषण शुक्ल, डाक्टर निर्मल जिन्दल श्री के. रंगाचारी, श्री एम एन केदार. श्री राम लाल द्विवेदी, डॉक्टर गौड़, इंजीनियर रोहित वेदी, आचार्य एम एम. जोशी, श्रीमती कुसुम वशिष्ठ निश्चय ही आदर प्रशंसा के पात्र हैं, जिन्होंने ज्योतिष की दिव्य ज्योति से अनेक छात्रों के जीवन को सुखी समृद्ध बनाया मैं इन सभी विद्वानों का आभारी हूँ ' अपने मित्र सहृ्दय पाठकों के स्नेह को भूल पाना मेरे लिए असंभव है कदाचित यही तो मेरी लेखनी की प्राणशक्ति है श्री अमृतलाल जैन, उनके सुपुत्र श्री देवेन्द्र कुमार जैन तथा उनके सहयोगी संपादन मंडल के सभी सदस्यों का मैं धन्यवाद करना चाहूँगा जिनके कृपापूर्ण सहयोग के बिना ये संकलन बनना असंभव था।

अन्त में उस नटखट चितचोर की बात करना जरूरी है शायद एक वही तो हम सब के भीतर बैठ कर नित नये खेल किया करता है कोई लेखक बनता है तो कोई प्रकाशक, कभी कोई पाठक बनता है तो कोई इस ज्ञान का. उपभोक्ता... सब कुछ बरन वही तो है।

उस नटवरनागर की कृपा सदा सभी पर बनी रहे। सभी जन स्वस्थ सुखी रहें, सम्मान समृद्धि पाएं इस प्रार्थना के साथ ज्योतिष प्रेमियों को यह कृति सादर समर्पित है।

 

विषय-सूची

दंशा स्कंध

अध्याय-1

दशा फल विचार के कतिपय सूत्र

1-34

अध्याय-2

सूर्य दशा फलम्

35-42

अध्याय-3

चंद्र दशा फलम्

43-49

अध्याय-4

मंगल दशा फलम्

50-56

अध्याय-5

राहु दशा फलम्

57-62

अध्याय-6

गुरु दशा फलम्

63-69

अध्याय-7

शनि दशा फलम्

70-76

अध्याय-8

बुध दशा फलम्

77-83

अध्याय-9

केतु दशा फलम्

84-88

अध्याय-10

शुक्र दशा फलम्

89-95

अध्याय-11

ग्रह दशा विशिष्ट फलम्

96-115

 

गोचर स्कंध

 

अध्याय-12

गोचर स्कंध सूर्य का फल

116-119

अध्याय-13

चंद्रमा का गोचर फल

120-112

अध्याय-14

मंगल का गोचर फल

123-125

अध्याय-15

बुध गोचर फल

126-128

अध्याय-16

गुरु का गोचर फल

129-131

अध्याय-17

शुक्र का गोचर फल

132-134

अध्याय-18

शनि का गोचर फल

135-140

अध्याय-19

राहु का गोचरफल

141-143

अध्याय-20

केतु का गोचर फल

144-146

अध्याय-21

गोचर ग्रह वेध फलम्

147-153

अध्याय-22

महत्वपूर्ण ग्रहों का गोचर फल

154-158

 

अष्टक वर्ग

 

अध्याय-23

अष्टक वर्ग का उपयोग

159-173

 

योगिनी स्कंध

 

अध्याय-24

योगिनी दशा

174-191

अध्याय-25

योगिनी दशा का प्रयोग

192-203

अध्याय-26

घटना की पुष्टि में योगिनी और विंशोत्त्तरी का प्रयोग

204-220

अध्याय-27

वर्ग कुंडली में दशा विचार

221-239

अध्याय-28

वर्ष कुंडली में दशा विचार

240-248

अध्याय-29

राशि का फल

249-263

अध्याय-30

घटना का समय और स्वरूप निर्धारण

264-293

अध्याय-31

अशुभ दशा का उपचार

294-305

 

परिशिष्ट

 

1

चंद्र स्पष्ट से ग्रह दशा का भोग्य काल जनना

 

2

ग्रह की दशा अर्न्तदशा क्रम और अवधि

 

3

अर्न्तदशा में प्रत्यन्तर दशा तालिका

 

4

सन्दर्भ ग्रंथ सूची

 

Sample Pages








Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy
Based on your browsing history
Loading... Please wait

Items Related to दशा फल विचार (योगिनी दशा,... (Hindu | Books)

Chakra Dasha - A Parashari Dasha
Item Code: NAN774
$20.00
Add to Cart
Buy Now
Advanced Use of Jaimini Char Dasha
by K. N. Rao
Paperback (Edition: 2017)
Vani Publications
Item Code: NAN497
$20.00
Add to Cart
Buy Now
Timing of Events Through Dasha and Transit
Item Code: NAG188
$20.00
Add to Cart
Buy Now
Kaala Chakra Dasha System: The Ultimate Predictive Tool in Vedic Astrology
by SHAKTI MOHAN SINGH
Paperback (Edition: 2009)
Sagar Publications
Item Code: IHF074
$30.00
Add to Cart
Buy Now
Predicting Through Karakamsha and Jaimini?s Mandook Dasha
by K.N.Rao
Paperback (Edition: 2012)
Vani Publications
Item Code: NAE599
$16.00
Add to Cart
Buy Now
Nakshatra: Constellation (Based Predictions - Book II Dasa Predictions)
by K.T.Shubhakaran
Paperback (Edition: 2005)
Sagar Publications
Item Code: NAJ741
$25.00
Add to Cart
Buy Now
Timing Events Through Vimshottary Dasha
by K.N. Rao
Paperback (Edition: 2010)
Vani Publications
Item Code: NAE586
$17.50
Add to Cart
Buy Now
Vimsottari and Udu Dasa's (Parasara's Key to Prognostication)
by Sanjay Rath
Paperback (Edition: 2016)
Sagar Publications
Item Code: NAJ126
$20.00
SOLD
Judgement of Bhavas and Timing of Events Through Dasha and Transit
by M.N.Kedar
Paperback (Edition: 2013)
K.V.R.Computers
Item Code: NAD671
$20.00
Add to Cart
Buy Now
Jaimini’s Navamsha Dasha
by Sachin Malhotra
Paperback (Edition: 2009)
Vani Publications
Item Code: NAG230
$12.00
Add to Cart
Buy Now
A Practical Guide to Prediction through Dasha System
Item Code: NAG190
$20.00
Add to Cart
Buy Now
Testimonials
I have always been delighted with your excellent service and variety of items.
James, USA
I've been happy with prior purchases from this site!
Priya, USA
Thank you. You are providing an excellent and unique service.
Thiru, UK
Thank You very much for this wonderful opportunity for helping people to acquire the spiritual treasures of Hinduism at such an affordable price.
Ramakrishna, Australia
I really LOVE you! Wonderful selections, prices and service. Thank you!
Tina, USA
This is to inform you that the shipment of my order has arrived in perfect condition. The actual shipment took only less than two weeks, which is quite good seen the circumstances. I waited with my response until now since the Buddha statue was a present that I handed over just recently. The Medicine Buddha was meant for a lady who is active in the healing business and the statue was just the right thing for her. I downloaded the respective mantras and chants so that she can work with the benefits of the spiritual meanings of the statue and the mantras. She is really delighted and immediately fell in love with the beautiful statue. I am most grateful to you for having provided this wonderful work of art. We both have a strong relationship with Buddhism and know to appreciate the valuable spiritual power of this way of thinking. So thank you very much again and I am sure that I will come back again.
Bernd, Spain
You have the best selection of Hindu religous art and books and excellent service.i AM THANKFUL FOR BOTH.
Michael, USA
I am very happy with your service, and have now added a web page recommending you for those interested in Vedic astrology books: https://www.learnastrologyfree.com/vedicbooks.htm Many blessings to you.
Hank, USA
As usual I love your merchandise!!!
Anthea, USA
You have a fine selection of books on Hindu and Buddhist philosophy.
Walter, USA
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2019 © Exotic India