Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Sign In  |  Sign up
Your Cart (0)
Best Deals
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindi > प्राणायाम रहस्य (वैज्ञानिक तथ्यों के साथ): Pranayama Rahasya (With Scientific Factual Evidence)
Subscribe to our newsletter and discounts
प्राणायाम रहस्य (वैज्ञानिक तथ्यों के साथ): Pranayama Rahasya (With Scientific Factual Evidence)
प्राणायाम रहस्य (वैज्ञानिक तथ्यों के साथ): Pranayama Rahasya (With Scientific Factual Evidence)
Description

योग एक जीवन दर्शन

 

योग एक जीवन दर्शन है, योग आत्मानुशासन है, योग एक जीवन पद्धति है, योग व्याधिमुक्त व समाधियुक्त जीवन की संकल्पना है । योग आत्मोपचार एवं आत्मदर्शन की श्रेष्ठ आध्यात्मिक विद्या है । योग व्यक्तित्व को वामन से विराट- बनाने की या समग्र रूप से स्वयं को रूपान्तरित व विकसित करने की आध्यात्मिक विद्या है । योग मात्र एक वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति नहीं अपितु योग का प्रयोग परिणामों पर आधारित एक ऐसा प्रमाण है जो व्याधि को निर्मूल करता है अत: यह एक सम्पूर्ण विधा का शरीर रोगों का ही नहीं बल्कि मानस रोगों का भी चिकित्सा शास्त्र है ।

योग एलोपैथी की तरह कोई लाक्षणिक चिकित्सा नहीं अपितु रोगों के मूल कारण को निर्मूल कर हमें भीतर से स्वस्थता प्रदान करता है।योग को मात्र एक व्यायाम की तरह देखना या वर्ग विशेष की मात्र पूजापाठ की एक पद्धति की तरह देखना संकीर्णतापूर्ण, अविवेकी दृष्टिकोण है । स्वार्थ, आग्रह, अज्ञान एवं अहंकार से ऊपर उठकर योग को हमें एक सम्पूर्ण विज्ञान की तरह देखना चाहिए ।

योग की पौराणिक मान्यता है कि इससे अष्टचक्र जागृत होते हैं एवं प्राणायाम के निरंतर अभ्यास से जन्म-जन्मान्तर के संचित अशुभ संस्कार व पाप परिक्षीण होते हैं ।

इसी पुस्तक से

अनुक्रमणिका

 

1

प्रकाशकीय

1

2

प्राण-सूक्त

3

3

प्राण का अर्थ एवं महत्त्व 

8

4

प्राण के प्रकार 

10

5

देह में स्थित पंचकोश  

13

6

प्राण-साधना  

15

7

वैदिक साहित्य में प्राणविद्या  

16

8

योग एक जीवन दर्शन   

29

9

चिकित्सा विज्ञान के दो सिद्धान्त  

32

10

प्राणायाम का अनुभूत सत्य  

35

11

पेट से श्वसन  की मान्यता अवैज्ञानिक 

37

12

वायु के घटक  

38

13

यौगिक क्रियाओं का यांत्रिकीय विश्लेषण 

41

14

मेडिकल साइंस की नैनोटैक्नोलॉजी 'प्राण'   

58

15

प्राणायाम का महत्त्व एवं लाभ  

63

16

प्राणायाम हेतु कुछ नियम   

82

17

प्राणायाम में उपयोगी बन्धत्रय  

86

18

प्राणायाम की सम्पूर्ण आठ प्रक्रियाएँ  

88

19

रोगोपचार की दृष्टि से उपयोगी अन्य प्राणायाम 

100

20

शरीर में सन्निहित शक्ति-केन्द्र या चक्र  

105

21

कुण्डलिनी शक्ति 

111

22

ध्यान के लिए कुछ दिशा-निर्देश 

118

23

कुण्डलिनी जागरण के लक्ष्ण एवं लाभ  

121

 











प्राणायाम रहस्य (वैज्ञानिक तथ्यों के साथ): Pranayama Rahasya (With Scientific Factual Evidence)

Item Code:
NZA535
Cover:
Paperback
Edition:
2009
Publisher:
ISBN:
9788175254848
Language:
Sanskrit Text with Hindi Translation
Size:
8.5 inch X 5.5 inch
Pages:
144 (28 Color illustrations)
Other Details:
Weight of the Books: 190 gms
Price:
$11.00   Shipping Free
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
प्राणायाम रहस्य (वैज्ञानिक तथ्यों के साथ): Pranayama Rahasya (With Scientific Factual Evidence)

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 13045 times since 1st Oct, 2019

योग एक जीवन दर्शन

 

योग एक जीवन दर्शन है, योग आत्मानुशासन है, योग एक जीवन पद्धति है, योग व्याधिमुक्त व समाधियुक्त जीवन की संकल्पना है । योग आत्मोपचार एवं आत्मदर्शन की श्रेष्ठ आध्यात्मिक विद्या है । योग व्यक्तित्व को वामन से विराट- बनाने की या समग्र रूप से स्वयं को रूपान्तरित व विकसित करने की आध्यात्मिक विद्या है । योग मात्र एक वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति नहीं अपितु योग का प्रयोग परिणामों पर आधारित एक ऐसा प्रमाण है जो व्याधि को निर्मूल करता है अत: यह एक सम्पूर्ण विधा का शरीर रोगों का ही नहीं बल्कि मानस रोगों का भी चिकित्सा शास्त्र है ।

योग एलोपैथी की तरह कोई लाक्षणिक चिकित्सा नहीं अपितु रोगों के मूल कारण को निर्मूल कर हमें भीतर से स्वस्थता प्रदान करता है।योग को मात्र एक व्यायाम की तरह देखना या वर्ग विशेष की मात्र पूजापाठ की एक पद्धति की तरह देखना संकीर्णतापूर्ण, अविवेकी दृष्टिकोण है । स्वार्थ, आग्रह, अज्ञान एवं अहंकार से ऊपर उठकर योग को हमें एक सम्पूर्ण विज्ञान की तरह देखना चाहिए ।

योग की पौराणिक मान्यता है कि इससे अष्टचक्र जागृत होते हैं एवं प्राणायाम के निरंतर अभ्यास से जन्म-जन्मान्तर के संचित अशुभ संस्कार व पाप परिक्षीण होते हैं ।

इसी पुस्तक से

अनुक्रमणिका

 

1

प्रकाशकीय

1

2

प्राण-सूक्त

3

3

प्राण का अर्थ एवं महत्त्व 

8

4

प्राण के प्रकार 

10

5

देह में स्थित पंचकोश  

13

6

प्राण-साधना  

15

7

वैदिक साहित्य में प्राणविद्या  

16

8

योग एक जीवन दर्शन   

29

9

चिकित्सा विज्ञान के दो सिद्धान्त  

32

10

प्राणायाम का अनुभूत सत्य  

35

11

पेट से श्वसन  की मान्यता अवैज्ञानिक 

37

12

वायु के घटक  

38

13

यौगिक क्रियाओं का यांत्रिकीय विश्लेषण 

41

14

मेडिकल साइंस की नैनोटैक्नोलॉजी 'प्राण'   

58

15

प्राणायाम का महत्त्व एवं लाभ  

63

16

प्राणायाम हेतु कुछ नियम   

82

17

प्राणायाम में उपयोगी बन्धत्रय  

86

18

प्राणायाम की सम्पूर्ण आठ प्रक्रियाएँ  

88

19

रोगोपचार की दृष्टि से उपयोगी अन्य प्राणायाम 

100

20

शरीर में सन्निहित शक्ति-केन्द्र या चक्र  

105

21

कुण्डलिनी शक्ति 

111

22

ध्यान के लिए कुछ दिशा-निर्देश 

118

23

कुण्डलिनी जागरण के लक्ष्ण एवं लाभ  

121

 











Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy
Based on your browsing history
Loading... Please wait

Items Related to प्राणायाम रहस्य... (Hindi | Books)

Yoga (Asanas, Pranayama, Mudras, Kriyas)
Paperback (Edition: 2008)
Vivekananda Kendra Prakashan Trust
Item Code: IDK840
$12.50
Add to Cart
Buy Now
Pranayama
Item Code: NAH024
$21.00
Add to Cart
Buy Now
योग: Yoga (Asanas, Pranayam, Mudra and Kriya)
Paperback (Edition: 2011)
Vivekananda Kendra Prakashan Trust
Item Code: NZH467
$16.00
Add to Cart
Buy Now
Pranayama Rahasya (With Scientific Factual Evidence)
by Swami Ramdev
Paperback (Edition: 2009)
Divya Prakashan
Item Code: NAD597
$10.00
Add to Cart
Buy Now
An Illustrated Guide to Asanas and Pranayama
by M.J.N. Smith
Hardcover (Edition: 2015)
Krishnamacharya Yoga Mandiram
Item Code: NAK043
$52.00
Add to Cart
Buy Now
Essence of Pranayama
by Srikrishna

Paperback (Edition: 2012)
Kaivalyadhama Samiti Lonavla
Item Code: IDF298
$18.00
Add to Cart
Buy Now
Prana and Pranayama
Item Code: IHL188
$30.00
Add to Cart
Buy Now
Yoga Yogasana and Pranayama for Health
Item Code: IDJ526
$9.50
Add to Cart
Buy Now
Testimonials
Great website! Easy to find things and easy to pay!!
Elaine, Australia
Always liked Exotic India for lots of choice and a brilliantly service.
Shanti, UK
You have a great selection of books, and it's easy and quickly to purchase from you. Thanks.
Ketil, Norway
Thank you so much for shipping Ma Shitala.  She arrived safely today on Buddha Purnima.  We greeted Her with camphor and conch blowing, and she now is on Ma Kali’s altar.  She is very beautiful.  Thank you for packing Her so well. Jai Ma
Usha, USA
Great site! Myriad of items across the cultural spectrum. Great search capability, too. If it's Indian, you'll probably find it here.
Mike, USA
I was very happy to find these great Hindu texts of the ancient times. Been a fan of both Mahabhratham and Ramayanam since I was a small boy. Now the whole family can enjoy these very important cultural texts at home.
Amaranath
Very old customer. service very good.
D K Mishra, USA
I want to switch from Amazon to Exotic India Art. Please keep up good job and competitive prices so that INDIAN community find a value in this website.
Sanjay, USA
I have received my parcel from postman. Very good service. So, Once again heartfully thank you so much to Exotic India.
Parag, India
My previous purchasing order has safely arrived. I'm impressed. My trust and confidence in your business still firmly, highly maintained. I've now become your regular customer, and looking forward to ordering some more in the near future.
Chamras, Thailand
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2020 © Exotic India