Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Sign In  |  Sign up
Your Cart (0)
Best Deals
25% + 10% off on all Sculptures
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindi > सन्त वाणी > जयदयाल गोयन्दका > सिद्धान्त एवं रहस्य की बातें: The Talks of Principles and Mystery
Subscribe to our newsletter and discounts
सिद्धान्त एवं रहस्य की बातें: The Talks of  Principles and  Mystery
सिद्धान्त एवं रहस्य की बातें: The Talks of Principles and Mystery
Description

निवेदन

परम श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दका जिन्होंने गीताप्रेसकी स्थापनाकी थी, पारमार्थिक जगत्की एक महान् विभूति हुए हैं । उनपर भगवान्नेविशेष कृपा करके उन्हें प्रकट होकर स्वेच्छासे चतुर्भुजरूपसे दर्शनदिये ।भगवान् प्रकट हुए तब श्रीगोयन्दकाजीके मनमें फुरणा हुई कि भगवान्नेऐसी महान् कृपा किस हेतु की । उनको प्रेरणा हुई कि भगवान् चाहतेहैं कि मेरी निष्काम भक्तिका प्रचार हो । इस उद्देश्यकी पूर्तिहेतु श्रीगोयन्दकाजी द्वारा बड़ा भारी प्रयास हुआ । उनका कहना था कि पारमार्थिक उन्नतिमें चार चीजें विशेष लाभप्रद हैं-सत्संग, ध्यान, नामजप भजनादि तथा निष्काम सेवा-इसमें भी उनका सबसे ज्यादा जोर सत्संगपर था । इसी उदेश्यसे उन्हें कभी सत्संग कराते थकावट नहीं मालूम देती थी, बल्कि वे बड़े उत्साहसे घंटों-घंटों प्रवचन करते रहते थे । गीताभवन स्वर्गाश्रममें लगभग चार महीने सत्संगका समय रहता था । वहाँका वातावरण बड़ा सात्त्विक है, इसलिये वहाँपर दिये गये प्रवचन पाठकोंको विशेष लाभप्रद होंगे । इस भावसे उनके प्रवचनोंको पुस्तकाकार प्रकाशित करनेका विचार हुआ है । किस स्थलपर, किस दिनाङ्कको उनका यह प्रवचन हुआ यह लेखके नीचे दिया गया है । कुछ छोटे प्रवचन एक ही विषयके होनेसे उन्हें एक ही लेखमें संग्रहीत कर दिया गया है । इन प्रवचनोंमें कई ऐसी प्रेरणात्मक बातें हैं जो मनुष्यको परमार्थ-मार्गमें बहुत तेजीसे अग्रसर करती हैं, उदाहरणके तौरपर बताया जाता है कि 'मैंपन' (अहंता) को पकड़नेमें जितना अभ्यास तथा समय लगा है, उतना समय और अभ्यास इसके छोड़नेमें नहीं लगता । जैसे मकानको बनानेमें बहुत समय लगता है, परन्तु उसके तोड़नेमें बहुत कम समय लगता है । ऐसी बहुत-सी अमूल्य बातें इन प्रवचनोंमें आयी हैं । हमें आशा है कि पाठकगण इन प्रवचनोंको एकाग्र मनसे पढ़ेंगे एवं मनन करेंगे । यह निश्चित कहा जा सकता है कि इनसे हमें विशेष आध्यात्मिक लाभ होगा ।

 

विषय-सूची

 

विषय

पृं.सं

1

स्वाभाविक ध्यानकी महत्ता

1

2

महात्माके संगसे लाभ

3

3

महात्माओंकी कृतज्ञता

4

4

स्वार्थ - त्यागकी महिमा

8

5

नामजपका प्र भाव एवं रहस्य

11

6

निर्भरता तथा निष्कामता

16

7

भगवान्की लीलामें तत्व एवं रहस्य

19

8

निरन्तर ध्यानकी युक्ति

27

9

भरतजीका भगवान् राममें प्रेम

31

10

द्रष्टाके ध्यानसे स्वरूपकी प्राप्ति

36

11

भगवान्का तत्त्व – रहस्य

40

12

सिद्धान्त एवं रहस्यकी बातें

42

13

ध्यानकी विधि

48

14

वास्तविक सिद्धान्त

59

15

सगुण-साकार भगवानका ध्यान

60

16

महात्मा और भगवान्की विशेषता

65

17

ज्ञातृत्वरहित चेतन

69

18

महात्माका अनु भव- ''परमात्मा है''

72

19

श्रद्धासे विशेष लाभ

74

20

अहंता - ममता कैसे मिटे

77

21

भगवान्की लीलाका तत्व – रहस्य

87

22

ज्ञाता, ज्ञान तथा ज्ञेयका विवेचन

92

23

भावका फल

97

24

भगवान्का साकार स्वरूप

99

25

राग - द्वेष मिटानेके उपाय

103

26

प्रकृति नित्य है अथवा सान्त

109

27

भरतजीका रामजीमें प्रेम

112

28

समर्पण

123

29

भाव - सुधारकी आवश्यकता

129

30

सार बातें

131

31

प्रश्रोत्तर

142

32

भगवान्के गुण - प्रभावादिका अनुभव

153

 

 

सिद्धान्त एवं रहस्य की बातें: The Talks of Principles and Mystery

Item Code:
GPA190
Cover:
Paperback
ISBN:
8129309343
Language:
Hindi
Size:
8 inch x 5.5 inch
Pages:
156
Other Details:
Weight of the Book: 125 gms
Price:
$8.00
Discounted:
$6.00   Shipping Free
You Save:
$2.00 (25%)
Be the first to rate this product
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
सिद्धान्त एवं रहस्य की बातें: The Talks of  Principles and  Mystery
From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 3804 times since 23rd Aug, 2019

निवेदन

परम श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दका जिन्होंने गीताप्रेसकी स्थापनाकी थी, पारमार्थिक जगत्की एक महान् विभूति हुए हैं । उनपर भगवान्नेविशेष कृपा करके उन्हें प्रकट होकर स्वेच्छासे चतुर्भुजरूपसे दर्शनदिये ।भगवान् प्रकट हुए तब श्रीगोयन्दकाजीके मनमें फुरणा हुई कि भगवान्नेऐसी महान् कृपा किस हेतु की । उनको प्रेरणा हुई कि भगवान् चाहतेहैं कि मेरी निष्काम भक्तिका प्रचार हो । इस उद्देश्यकी पूर्तिहेतु श्रीगोयन्दकाजी द्वारा बड़ा भारी प्रयास हुआ । उनका कहना था कि पारमार्थिक उन्नतिमें चार चीजें विशेष लाभप्रद हैं-सत्संग, ध्यान, नामजप भजनादि तथा निष्काम सेवा-इसमें भी उनका सबसे ज्यादा जोर सत्संगपर था । इसी उदेश्यसे उन्हें कभी सत्संग कराते थकावट नहीं मालूम देती थी, बल्कि वे बड़े उत्साहसे घंटों-घंटों प्रवचन करते रहते थे । गीताभवन स्वर्गाश्रममें लगभग चार महीने सत्संगका समय रहता था । वहाँका वातावरण बड़ा सात्त्विक है, इसलिये वहाँपर दिये गये प्रवचन पाठकोंको विशेष लाभप्रद होंगे । इस भावसे उनके प्रवचनोंको पुस्तकाकार प्रकाशित करनेका विचार हुआ है । किस स्थलपर, किस दिनाङ्कको उनका यह प्रवचन हुआ यह लेखके नीचे दिया गया है । कुछ छोटे प्रवचन एक ही विषयके होनेसे उन्हें एक ही लेखमें संग्रहीत कर दिया गया है । इन प्रवचनोंमें कई ऐसी प्रेरणात्मक बातें हैं जो मनुष्यको परमार्थ-मार्गमें बहुत तेजीसे अग्रसर करती हैं, उदाहरणके तौरपर बताया जाता है कि 'मैंपन' (अहंता) को पकड़नेमें जितना अभ्यास तथा समय लगा है, उतना समय और अभ्यास इसके छोड़नेमें नहीं लगता । जैसे मकानको बनानेमें बहुत समय लगता है, परन्तु उसके तोड़नेमें बहुत कम समय लगता है । ऐसी बहुत-सी अमूल्य बातें इन प्रवचनोंमें आयी हैं । हमें आशा है कि पाठकगण इन प्रवचनोंको एकाग्र मनसे पढ़ेंगे एवं मनन करेंगे । यह निश्चित कहा जा सकता है कि इनसे हमें विशेष आध्यात्मिक लाभ होगा ।

 

विषय-सूची

 

विषय

पृं.सं

1

स्वाभाविक ध्यानकी महत्ता

1

2

महात्माके संगसे लाभ

3

3

महात्माओंकी कृतज्ञता

4

4

स्वार्थ - त्यागकी महिमा

8

5

नामजपका प्र भाव एवं रहस्य

11

6

निर्भरता तथा निष्कामता

16

7

भगवान्की लीलामें तत्व एवं रहस्य

19

8

निरन्तर ध्यानकी युक्ति

27

9

भरतजीका भगवान् राममें प्रेम

31

10

द्रष्टाके ध्यानसे स्वरूपकी प्राप्ति

36

11

भगवान्का तत्त्व – रहस्य

40

12

सिद्धान्त एवं रहस्यकी बातें

42

13

ध्यानकी विधि

48

14

वास्तविक सिद्धान्त

59

15

सगुण-साकार भगवानका ध्यान

60

16

महात्मा और भगवान्की विशेषता

65

17

ज्ञातृत्वरहित चेतन

69

18

महात्माका अनु भव- ''परमात्मा है''

72

19

श्रद्धासे विशेष लाभ

74

20

अहंता - ममता कैसे मिटे

77

21

भगवान्की लीलाका तत्व – रहस्य

87

22

ज्ञाता, ज्ञान तथा ज्ञेयका विवेचन

92

23

भावका फल

97

24

भगवान्का साकार स्वरूप

99

25

राग - द्वेष मिटानेके उपाय

103

26

प्रकृति नित्य है अथवा सान्त

109

27

भरतजीका रामजीमें प्रेम

112

28

समर्पण

123

29

भाव - सुधारकी आवश्यकता

129

30

सार बातें

131

31

प्रश्रोत्तर

142

32

भगवान्के गुण - प्रभावादिका अनुभव

153

 

 

Post a Comment
 
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy
Based on your browsing history
Loading... Please wait

Items Related to सिद्धान्त एवं रहस्य की... (Hindi | Books)

भगवान् कैसे मिलें? - How to Find God?
Deal 20% Off
Item Code: GPA427
$5.00$3.00
You save: $2.00 (20 + 25%)
Add to Cart
Buy Now
शान्ति के उपाय: Ways to Attain Peace
Item Code: GPA174
$5.00$3.75
You save: $1.25 (25%)
Add to Cart
Buy Now
परम साधन: (The Highest Means) In Two Volumes
Item Code: GPA106
$10.00$7.50
You save: $2.50 (25%)
Add to Cart
Buy Now
भगवद्दर्शन की उत्कंठा: Intense Desire to See God
Deal 20% Off
Item Code: GPA139
$8.00$4.80
You save: $3.20 (20 + 25%)
Add to Cart
Buy Now
सच्ची सलाह: True Advice
Item Code: GPA523
$9.00$6.75
You save: $2.25 (25%)
Add to Cart
Buy Now
उद्धार कैसे हो: How to be Deliver
Deal 20% Off
Item Code: GPA331
$5.00$3.00
You save: $2.00 (20 + 25%)
Add to Cart
Buy Now
पारमार्थिक पत्र: Spiritual Letters
Deal 20% Off
Item Code: GPA434
$8.00$4.80
You save: $3.20 (20 + 25%)
Add to Cart
Buy Now
ईश्वर और संसार: God and World
Deal 20% Off
Item Code: GPA141
$8.00$4.80
You save: $3.20 (20 + 25%)
Add to Cart
Buy Now
Testimonials
Thank you for really great prices compared to other sellers. I have recommended your website to over 40 of my classmates.
Kimia, USA
I am so happy to have found you!! What a wonderful source for books of Indian origin at reasonable cost! Thank you!
Urvi, USA
I very much appreciate your web site and the products you have available. I especially like the ancient cookbooks you have and am always looking for others here to share with my friends.
Sam, USA
Very good service thank you. Keep up the good work !
Charles, Switzerland
Namaste! Thank you for your kind assistance! I would like to inform that your package arrived today and all is very well. I appreciate all your support and definitively will continue ordering form your company again in the near future!
Lizette, Puerto Rico
I just wanted to thank you again, mere dost, for shipping the Nataraj. We now have it in our home, thanks to you and Exotic India. We are most grateful. Bahut dhanyavad!
Drea and Kalinidi, Ireland
I am extremely very happy to see an Indian website providing arts, crafts and books from all over India and dispatching to all over the world ! Great work, keep it going. Looking forward to more and more purchase from you. Thank you for your service.
Vrunda
We have always enjoyed your products.
Elizabeth, USA
Thank you for the prompt delivery of the bowl, which I am very satisfied with.
Frans, the Netherlands
I have received my books and they are in perfect condition. You provide excellent service to your customers, DHL too, and I thank you for that. I recommended you to my friend who is the director of the Aurobindo bookstore.
Mr. Forget from Montreal
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2020 © Exotic India